एडमिशन को लेकर अभी से छात्र व अभिभावक परेशान

सेकेंड व थर्ड डिवीजन से उत्तीर्ण छात्रों को नामांकन में होगी परेशानी इंटरमीडिएट परीक्षा के रिजल्ट में विलंब के कारण छात्र-छात्रओं को यूजी कोर्स में एडमिशन लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. नामांकन को लेकर छात्र व अभिभावकों को भी से चिंता सताने लगी है. सारण जिले से इस बार इंटरमीडिएट की परीक्षा […]

सेकेंड व थर्ड डिवीजन से उत्तीर्ण छात्रों को नामांकन में होगी परेशानी
इंटरमीडिएट परीक्षा के रिजल्ट में विलंब के कारण छात्र-छात्रओं को यूजी कोर्स में एडमिशन लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. नामांकन को लेकर छात्र व अभिभावकों को भी से चिंता सताने लगी है. सारण जिले से इस बार इंटरमीडिएट की परीक्षा में लगभग 77 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए हैं.
छपरा (नगर) : जेपी विवि अंतर्गत अंगीभूत व संबद्ध कॉलेजों में इस बार यूजी कोर्स में एडमिशन पाना यहां के छात्रों के लिए काफी मुश्किल होगा. वैसे अभी इंटरमीडिएट का रिजल्ट घोषित होने में देरी है, बावजूद परीक्षा में शामिल छात्रों व उनके अभिभावकों में अच्छे कॉलेजों में एडमिशन पाने की चिंता अभी से ही सता रही है. कई तो अपना एडमिशन सुनिश्चित करने के लिए अभी से ही अपनी पहुंच व संबंधों की तलाश शुरू कर चुके हैं.
मालूम हो कि सिर्फ सारण जिले से ही इस बार इंटरमीडिएट की परीक्षा में लगभग 77 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे. जबकि गोपालगंज व सीवान के छात्रों को भी मिला दें, तो इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण कर यूजी कोर्स में नामांकन लेने के इच्छुक छात्रों की संख्या एक लाख से पार हो जायेगी.
साइंस फैकल्टी में एडमिशन होगा मुश्किल : इस बार जेपी विवि अंतर्गत कॉलेजों के साइंस फैकल्टी में एडमिशन सबसे मुश्किल काम होगा. वैसे तो साइंस फैकल्टीमें एडमिशन को लेकर हमेशा मारा-मारी की स्थिति रहती है. लेकिन, इस बार यह स्थिति और गंभीर होनेवाली है.
संभवत: फस्र्ट डिवीजन से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करनेवाले कई छात्र नामांकन पाने से वंचित रह सकते हैं. बताते चलें कि विवि प्रशासन द्वारा वर्ष 204 से ही विवि अंतर्गत संचालित प्रस्तावित कॉलेजों में नामांकन पर रोक लगा चुका है. उधर, राज्य सरकार ने भी कोर्ट के निर्देश के बाद प्रस्तावित कॉलेजों में नामांकन संबंधी निर्णय लेने के लिये गेंद विवि प्रशासन के पाले में डाल चुकी है.
यूजी कोर्स में सीटों की संख्या सीमित
वैसे जेपी विवि की बात करें तो विवि अंतर्गत छपरा, सीवान व गोपालगंज में मात्र में 21 अंगीभूत तथा 11 संबद्ध कॉलेज ही है. सूत्रों की मानें तो इन कॉलेजों में यूजी कोर्स के लिए सभी कॉलेजों को मिला भी दें , तो एडमिशन के लिए कुल उपलब्ध सीटों की संख्या 25 हजार से भी कम है.
जबकि सारण प्रमंडल से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण होनेवाले छात्रों की संख्या पिछले बार भी लगभग एक लाख से ज्यादा थी. संभवत: इस बार भी प्रमंडल से परीक्षा उत्तीर्ण करनेवाले छात्रों की संख्या इसके आसपास ही रहेगी. बहरहाल सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का क्या होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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