गवाही की अगली तिथि 13 मई को
विषाक्त मध्याह्न् भोजन से 23 बच्चों की हो गयी थी मौत
छपरा (कोर्ट) : मशरक के गंडामन धर्मासती स्थित नव सृजित प्राथमिक विद्यालय में विषाक्त मध्याह्न् भोजन खाने से 23 बच्चों की हुई मौत मामले में सोमवार को 14वें गवाह ने अपनी गवाही दर्ज करवायी.
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विजय आनंद तिवारी के न्यायालय में उक्त विद्यालय के छठे वर्ग का छात्र एवं रसोइया मंजु देवी का 12 वर्षीय पुत्र अभिषेक कुमार ने घटना से संबंधित गवाही दी.
गवाही के दौरान उसने कहा कि घटना के दिन वह अन्य बच्चों के साथ विद्यालय गया था, जहां उसकी मां मंजू देवी और पाना देवी के द्वारा मध्याह्न् भोजन में चावल और आलू-सोयाबीन की सब्जी बनायी गयी थी, जिसे सभी बच्चों ने खाया. खाने के बाद उलटी तथा पेट दर्द शुरू हो गया. अभिषेक जो उस वक्त पांचवीं कक्षा का छात्र था, उसने बताया कि उलटी और पेट दर्द के कारण वह बेहोश हो गया और उसे जब होश आया तो वह पीएमसीएच में था.
अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक अजीत कुमार सिंह ने गवाह का परीक्षण किया, तो वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता भोला प्रसाद और नरेश प्रसाद राय ने गवाह को प्रति परीक्षण किया.
वहीं, इस मामले में प्राथमिकी आरोपित बनायी गयी विद्यालय की तत्कालीन प्रधानाध्यापिका मीना देवी व अप्राथमिकी आरोपित बनाये गये उसके पति अजरुन राय (दोनों मंडल कारा में बंद हैं) को पेशी के लिए न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था. गवाह ने उन दोनों के समक्ष ही अपनी गवाही दर्ज करवायी. न्यायाधीश ने साक्ष्य के लिए अगली तिथि 13 मई निर्धारित की है.वहीं, मीना और अजरुन की न्यायिक हिरासत की अवधि भी उक्त तिथि तक बढ़ाने का आदेश दिया है.
