एक से किसानों के खेतों की होगी मिट्टी जांच

छपरा (सदर) : प्रमंडल के किसानों की खेतों की मिट्टी जांच कर बेहतर फसल उपजाने की तैयारी कृषि विभाग ने की है. सारण के संयुक्त कृषि निदेशक विज्येंद्र चौधरी के अनुसार, विभागीय निर्देश के आलोक में तीन चरणों में किसानों के खेत की मिट्टी जांच की जायेगी. यह जांच पूरे क्षेत्र को तीन हिस्सों में […]

छपरा (सदर) : प्रमंडल के किसानों की खेतों की मिट्टी जांच कर बेहतर फसल उपजाने की तैयारी कृषि विभाग ने की है. सारण के संयुक्त कृषि निदेशक विज्येंद्र चौधरी के अनुसार, विभागीय निर्देश के आलोक में तीन चरणों में किसानों के खेत की मिट्टी जांच की जायेगी.
यह जांच पूरे क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांट कर पूरी की जायेगी. प्रथम चरण में प्रत्येक प्रखंड की एक तिहाई पंचायतों के किसानों की मिट्टी की जांच होगी. इसी प्रकार द्वितीय एवं तृतीय चरण में मिट्टी जांच की जायेगी.
सिंचित के लिए ढाई हेक्टेयर तथा असिंचित के लिए 10 हेक्टेयर का समूह : संयुक्त कृषि निर्देशक की मानें, तो किसी भी प्रखंड की एक तिहाई पंचायत के सिंचित होने के ढाई हेक्टेयर तथा असिंचित भूमि के 10 हेक्टेयर का समूह बनाया जायेगा.
इस समूह में पड़नेवाले सभी किसानों की खेत की मिट्टी का नमूना जांच के लिए लिया जायेगा.1560 क्विंटल ढैंचे का बीज सारण को मिला : हरी चादर योजना के तहत किसानों के खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए सरकार के द्वारा ढैंचा (हरी खाद) का बीज सरकार से सारण, सीवान, गोपालगंज को 1560 क्विंटल आपूर्ति हो चुका है, शेष बीज पांच मई तक पहुंच जायेगा.
संयुक्त कृषि निदेशक विज्येंद्र चौधरी के अनुसार, किसानों के द्वारा ऑन लाइन आवेदन दिये जाने के बाद नि:शुल्क उपलब्ध कराने के लिए ढैंचा का बीज बिहार राज्य बीज निगम ने भेजा है, जिसमें सारण में अभी 2650 क्विंटल के बदले 800, गोपालगंज को 2900 क्विंटल के बदले 560 तथा सीवान को 2900 क्विंटल के बदले 200 क्विंटल बीज की आपूर्ति हो पायी है.
इस बीज को किसान अपने खेतों में लगाने तथा एक निश्चित अवधि के बाद जुताई कर प्रति कट्ठा पांच से सात किलो यूरिया से मिलनेवाली उर्वरा शक्ति प्राप्त कर सकते हैं. जिससे उनकी फसल काफी अच्छी होगी.

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