1958 से किराये के भवन में हो रहा है संचालन
7 बिहार बटालियन के माध्यम से होता है तीन हजार कैडेट तैयार
छपरा (नगर) : सारण प्रमंडल अंतर्गत तीनों जिलों के कॉलेज व स्कूली छात्रों को अनुशासन एवं देश व समाज सेवा का पाठ पढ़ानेवाला एनसीसी का 7 बिहार बटलियन को अपने स्थापना के लगभग 57 सालों के बाद भी कार्यालय संचालन के लिए अपना भवन उपलब्ध नहीं हो पाया है.
ऐसे में एनसीसी के बटालियन का संचालन किराये के मकानों में ही जैसे-तैसे किया जा रहा है. मालूम हो कि 7 बिहार बटालियन के माध्यम से हरेक साल छपरा, सीवान, गोपालगंज के लगभग 3 हजार छात्र-छात्राएं एक अनुशासित कैडेट बन रहे हैं. जो समाज सेवा के साथ ही सेना पुलिस व अन्य विभागों के माध्यम से देश की सेवा में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं. सन् 1958 में सबसे पहले शहर के भगवान बाजार के समीप स्नेटी भवन में एनसीसी का कार्यालय खोला गया था. उस समय तीनों जिलों में अलग-अलग बटालियन था.
हालांकि बाद में तीनों बटालियन को मिला कर 7 बिहार बटालियन का गठन किया गया. वहीं बटालियन का संचालन एकता भवन के पीछे किराये के भवन में किया जाने लगा. वर्तमान में एनसीसी का कार्यालय डाकबंगला रोड स्थित गंडक भवन में किया जा रहा है.
सैनिक साजो-सामान हो रहे हैं बरबाद : बटालियन के एनसीसी पदाधिकारियों की माने, तो गंडक भवन में कार्यालय शिफ्ट हो गया है. मगर जगह की कमी के कारण जहां सैनिक साजो-सामान बरबाद हो रहे हैं.
वहीं विशेष रूप से आइजी सी तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों के लिए चयनित कैडेटों को मोटिवेशन सहित अन्य ट्रेनिंग देने में भी कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है. उधर प्रमंडल के बाहर ट्रेनिंग में जानेवाले कैडेटों को पूर्व में ही बटालियन पहुंचना होता है. ऐसे में बटालियन में ठहरने की जगह नहीं होने के कारण विशेष रूप से सीवान व गोपालगंज से आनेवाले कैडेटों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
स्थायी भवन के लिए किया गया अनुरोध : एनसीसी के पदाधिकारियों द्वारा समय -समय पर एनसीसी के बटालियन के संचालन के लिए स्थायी भवन के लिए सारण के कमिश्नर व डीएम से भी अनुरोध किया जा चुका है.
गत दिनों इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एनसीसी कैंप के दौरान कंपनी कमांडर कर्नल एसबी सिंह द्वारा सारण कमिश्नर व डीएम से कार्यालय के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था. जबकि मंत्री शाहिद अली खान तथा जेपीविवि के कुलपति से भी बटालियन के अधिकारियों द्वारा अपनी बात रखी गयी है.
