छपरा (कोर्ट) : मशरक के गंडामन धर्मासती स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में विषाक्त मध्याह्न् भोजन खाने से 23 बच्चों की हुई मौत मामले में गुरुवार को 10वें गवाह ने न्यायालय में अपनी गवाही दर्ज करवायी. गंडामन निवासी विजेश्वर मिश्र, जिनके दो भतीजों की उस घटना में मौत हो गयी थी, ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय विजय आनंद तिवारी के न्यायालय में प्रस्तुत हो अपनी गवाही दी.
गवाही के वक्त इस मामले में मुख्य अभियुक्त बनायी गयीं विद्यालय की तत्कालीन प्रधान शिक्षिका व मंडल कारा में बंद मीना देवी अपने पति अजरुन राय के साथ न्यायालय में प्रस्तुत थीं. उन्हें पेशी के लिए मंडल कारा से न्यायालय में लाया गया था.
गवाह श्री मिश्र ने न्यायाधीश को बताया कि उसके दो भतीजे राहुल कुमार और प्रह्लाद कुमार घटना के दिन विद्यालय गये थे और दोनों ने विद्यालय में बने मध्याह्न् भोजन किया. उसके उपरांत दोनों को पेट दर्द के साथ उलटी होने लगी. दोनों बच्चों को उपचार के लिए मशरक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने प्रारंभिक उपचार के बाद सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. दोनों बच्चों को सदर अस्पताल लेकर जा ही रहे थे कि रास्ते में ही दोनों की मौत हो गयी थी. अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. श्री मिश्र, जो जब्ती सूची के भी गवाह हैं, का लोक अभियोजक अजीत कुमार सिंह ने परीक्षण किया.
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता भोला प्रसाद और नरेश प्रसाद राय ने प्रति परीक्षण करते हुए घटना से संबंधित कई सवाल पूछे. न्यायाधीश ने गवाही पूरी होने के उपरांत गवाही की अगली तिथि 20 अप्रैल को मुकर्रर करते हुए उक्त तिथि को अगले गवाह को प्रस्तुत करने का आदेश दिया. साथ ही मुख्य अभियुक्त मीना और उनके पति की न्यायिक हिरासत 20 अप्रैल तक बढ़ाते हुए उक्त तिथि को न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया.
