दिघवारा : थाना क्षेत्र की नीलम गैस एजेंसी के गोदाम परिसर से मंगलवार को चार अज्ञात अपराधियों द्वारा एक लाख 90 हजार 580 रुपये की लूट के मामले में पुलिस अनुसंधान शुरू है एवं अपराधियों की शिनाख्त, गिरफ्तारी व लूटी गयी राशि की बरामदगी के लिए पुलिस हरसंभव प्रयास कर रही है. बहरहाल, मामले का उद्भेदन करना पुलिस के लिए एक चैलेंज बन गया है.
थानाध्यक्ष कर रहे हैं अनुसंधान
गोदाम कर्मी विनोद कुमार के बयान पर थाने में दर्ज कांड संख्या 63/15 का अनुसंधान स्वयं थानाध्यक्ष लाल बहादुर कर रहे हैं एवं उनके द्वारा मामले का उद्भेदन करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है. वहीं, घटना के बाद पुलिस ने पूर्व के आपराधिक रिकॉर्ड वाले एक युवक को मटिहान गांव से हिरासत में लेकर गोदामकर्मी से पहचान करायी. मगर कर्मी द्वारा पहचान नहीं होने पर उसे छोड़ दिया गया.
धूल बचाव का मास्क लगा रखा था अपराधी ने : गोदाम कर्मियों की मानें, तो दो बाइकों पर सवार चार अपराधियों में जिस अपराधी ने रुपये से भरा बैग लूटा, उसने अपने चेहरे पर धूल से बचनेवाला मास्क लगाया था एवं उसके सिर पर टोपी थी. इस कारण घटना को अंजाम देने के बाद वह साथियों के साथ भाग खड़ा हुआ एवं उसकी पहचान नहीं हो सकी.
गिरफ्तारी के लिए हो रही है छापेमारी : घटना के बाद से पुलिस की टीम द्वारा अभियुक्तों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है. मगर, किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. हराजी, धारीपुर व शीतलपुर आदि गांवों में पुलिस द्वारा छापेमारी किये जाने की खबर है. सूत्र बताते हैं कि घटना में प्रयुक्त दो बाइकों में एक स्पलेंडर व एक अन्य बाइक थी. दोनों बाइकों में एक बाइक सवार को भागने के क्रम में गोदाम कर्मी ने उसका चार डिजिट देख लिया. पुलिस यह पता लगा रही है कि उस सीरीज की कितनी गाड़ियां किन-किन व्यक्तियों के नाम से रजिस्टर्ड है.
लूट में कर्मियों की लापरवाही भी जिम्मेवार : राशि की लूट किये जाने में कर्मियों की लापरवाही भी जिम्मेवार है.
गोदाम परिसर में बने रूम में कैश प्राप्त करके भी गैस की बिक्री हो सकती थी. मगर, खुले जगह में टेबल लगा कर रुपयों से भरा बैग रख कर कर्मियों ने अपराधियों को राशि लूटने का सुनहरा मौका दे दिया.
इसी मार्ग पर क्यों होती है आपराधिक घटनाएं : दिघवारा व मटिहान मोड़ के बीच लगभग दो किलोमीटर सड़क मार्ग का आधा हिस्सा दिघवारा, आधा हिस्सा दरियापुर थाना अधीन क्षेत्र में पड़ता है. दरियापुर थाना अधीन क्षेत्र के सड़क मार्ग पर गश्ती गाड़ी नहीं के बराबर आती है. ऐसी स्थिति में अपराधी पहले योजना बनाते हैं फिर घटना को अंजाम देकर चलते बनते हैं.
सतुआनी के दिन ही घटना क्यों
ऐसा लगता है कि लूट की घटना में स्थानीय लोगों की भी सहभागिता है, क्योंकि सबको पता होता है कि सतुआनी के दिन शक्तिपीठ स्थल आमी में भारी भीड़ उमड़ती है, जिसमें पुलिस पदाधिकारियों की ड्यूटी होती है. इसी मौके का अपराधियों ने लाभ उठाया व राशि लूट कर चलते बने. घटना के बाद दिघवारा-मटिहान पथ पर गश्ती दल की सक्रियता बढ़ा दी गयी है एवं पुलिस हर राहगीर पर विशेष नजर रखी हुई है.
