कॉलेजकर्मियों का विवि में हो रहा स्थानांतरण

कर्मियों ने जतायी साइड किये जाने की साजिश पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर हैं विवि के कर्मचारी विवि प्रशासन हड़ताल को बता रहा है असंवैधानिक छपरा (नगर) : वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर जेपी विवि कर्मचारी संघ के नेतृत्व में विगत 23 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मियों के प्रति विवि प्रशासन […]

कर्मियों ने जतायी साइड किये जाने की साजिश
पिछले आठ दिनों से हड़ताल पर हैं विवि के कर्मचारी
विवि प्रशासन हड़ताल को बता रहा है असंवैधानिक
छपरा (नगर) : वेतन सहित अन्य मांगों को लेकर जेपी विवि कर्मचारी संघ के नेतृत्व में विगत 23 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मियों के प्रति विवि प्रशासन का रुख सकारात्मक नहीं दिख रहा है. हड़ताल के शुरुआती दौर में हुई वार्ता में भी विवि प्रशासन फरवरी का तदर्थ संविदा व दैनिक कर्मियों के वेतन भुगतान के लिए तैयार था.
हालांकि विवि प्रशासन मार्च से कर्मियों का भुगतान विवि के आंतरिक स्नेत से करने में असमर्थता जताते हुए राज्य सरकार से भुगतान कराने की बात कह रहा था, जिसका हड़ताली कर्मचारियों ने पूरे जोर विरोध किया तथा वार्ता को विफल घोषित कर दिया गया. बहरहाल, हड़ताल के कारण विवि का सारा कामकाज ठप हो गया है. प्रतिदिन विभिन्न कार्यो से विवि आनेवाले छात्र, शिक्षक व कॉलेजकर्मी बैरंग लौट रहे हैं.
कॉलेज कर्मियों का स्थानांतरण :उधर विवि प्रशासन एक ओर जहां हड़ताली कर्मियों के साथ वार्ता का प्रयास कर रहा है, वहीं, दूसरी ओर वैकल्पिक उपाय में लगा नजर आ रहा है.
विवि सूत्रों की मानें, तो कुछ दिन पूर्व ही विवि प्रशासन द्वारा लगभग चार कॉलेज कर्मियों का स्थानांतरण कॉलेज से विवि में करने संबंधी अधिसूचना जारी किया गया है. संभावना है कि विवि प्रशासन अभी कुछ और कॉलेजों के कर्मियों का स्थानांतरण विवि में कर सकता है. वैसे विवि प्रशासन कॉलेजकर्मियों के स्थानांतरण को भले ही विवि के विभिन्न विभागों को सुदृढ़ करने का तर्क दे रहा है, मगर कर्मचारियों में इस बात को लेकर चर्चा है कि उन्हें साइड करने की तो योजना नहीं हो रही है. उधर, सोमवार को विवि प्रशासन की ओर से प्रभारी कुलसचिव डॉ महेंद्र सिंह द्वारा कर्मचारियों को पत्र जारी कर उनकी हड़ताल को असंवैधानिक बताते हुए इंजीनियरिंग की परीक्षा बाधित होने का जिम्मेवार ठहराया है.
पत्र मिलने के साथ ही कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया है. हड़ताली कर्मचारियों की मानें, तो विवि प्रशासन को वर्तमान में छात्रों की फिक्र हो रही है, जबकि स्नातक प्रथम वर्ष के रिजल्ट में देरी तथा पार्ट टू के व्यापक पैमाने पर त्रुटिपूर्ण रिजल्ट के मुद्दे पर छात्र हित की बातें दिखाई नहीं दे रही हैं. हड़ताल का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष राजेश पांडेय, कार्यकारी सचिव रवींद्र प्रसाद यादव ने कहा कि कर्मचारी विवि प्रशासन की ऐसी धमकियां से डरनेवाला नहीं है.

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