कुछ और आदेशों को मिल सकती है चुनौती

राजभवन कर चुका है वीसी के कई आदेशों को रद्द छपरा (नगर) : जेपीविवि पीजी शिक्षक संघ के सचिव सह पीजी राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ रणजीत कुमार के स्थानांतरण संबंधी कुलपति के आदेश को हाइकोर्ट द्वारा रद्द किये जाने के बाद विवि प्रशासन एक बार फिर बैकफुट पर आ गया है. मालूम हो कि […]

राजभवन कर चुका है वीसी के कई आदेशों को रद्द
छपरा (नगर) : जेपीविवि पीजी शिक्षक संघ के सचिव सह पीजी राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ रणजीत कुमार के स्थानांतरण संबंधी कुलपति के आदेश को हाइकोर्ट द्वारा रद्द किये जाने के बाद विवि प्रशासन एक बार फिर बैकफुट पर आ गया है.
मालूम हो कि जेपीविवि के कुलपति प्रो. द्विजेंद्र गुप्ता द्वारा डॉ रणजीत को विवि के पीजी विभाग से हटा कर इनका स्थानांतरण बीपीएस कॉलेज, भोरे गोपालगंज कर दिया गया था. इस पर डॉ रणजीत द्वारा स्थानांतरण को नियम विरुद्ध बताते हुए पहले तो राजभवन में शिकायत की गयी थी, वहीं उन्होंने बीपीएम कॉलेज में योगदान करने की जगह कुलपति के आदेशों को हाइकोर्ट में चुनौती दी थी.
राजभवन भी पलट चुका है कई आदेश: हाई कोर्ट के इस फैसले के पूर्व राजभवन भी कुलपति के कई आदेशों को नियम विरुद्ध मानते हुए उसे वापस लेने का निर्देश दे चुका है. हालांकि यह और बात है कि राजभवन के अधिकतर निर्देशों का पालन ही नहीं किया गया.
इसमें जगदम कॉलेज, पीसी साइंस तथा राजेंद्र कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य के स्थानांतरण, पूर्व कुलसचिव विजय प्रताप कुमार के निलंबन, इतिहास विभाग के हेड प्रो. अशोक कुमार सिंह का स्थानांतरण जैसे जेपीविवि के कुलपति के कुछ प्रमुख आदेश हैं, जिन पर राजभवन रोक लगा चुका है. बावजूद विवि प्रशासन द्वारा राजभवन निर्देशों का पालन ही नहीं किया गया.
परेशान हैं कई प्राचार्य
पीजी शिक्षक डॉ रणजीत के पक्ष में हाइकोर्ट का फैसला आने के बाद कुलपति के कुछ और आदेशों के विरुद्ध कोर्ट में चुनौती मिलने की संभावना बढ़ गयी है. मालूम हो कि राजभवन के आदेश के बावजूद विवि प्रशासन द्वारा कई आदेशों का पालन नहीं किया गया. ऐसे में डॉ रणजीत के पक्ष में फैसला आने के बाद कुलपति के आदेश से परेशान कई प्राचार्य व शिक्षक कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में जुट गये हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >