40 हजार एलपीजी कनेक्शन बंद

किल्लत : गैस वितरकों व उपभोक्ताओं के बीच रोज हो रही तू-तू, मैं-मैं छपरा (सदर) : अबतक डीबीटीएल का फॉर्म जमा नहीं करनेवाले 30 हजार ग्राहकों के एलपीजी कनेक्शन विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों ने बंद कर दिये है. ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को एक ओर जहां गैस मिलना बंद हो गया है. वहीं पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा […]

किल्लत : गैस वितरकों व उपभोक्ताओं के बीच रोज हो रही तू-तू, मैं-मैं
छपरा (सदर) : अबतक डीबीटीएल का फॉर्म जमा नहीं करनेवाले 30 हजार ग्राहकों के एलपीजी कनेक्शन विभिन्न पेट्रोलियम कंपनियों ने बंद कर दिये है. ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को एक ओर जहां गैस मिलना बंद हो गया है. वहीं पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा सब्सिडीयुक्त सिलिंडर नहीं भेजे जाने से तथा बड़े पैमाने पर गैस कनेक्शन अचानक बंद किये जाने से उपभोक्ता गैस वितरण करनेवाली एजेंसियों के कार्यालय एवं गोदाम में जाकर नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में गैस वितरण करनेवाली कंपनी के वितरक परेशान हैं.
आखिर उपभोक्ता के समक्ष अपनी लाचारी व्यक्त करने के सिवा उनके पास कोई चारा नहीं दिखता. हालांकि इस दौरान कई उपभोक्ताओं की नाराजगी से वितरण करनेवाले एजेंसी संचालकों के समक्ष ‘करे कोई, भरे कोई’ की कहावत चरितार्थ हो रही है.
उपभोक्ताओं पर दबाव के लिए सब्सिडीयुक्त सिलिंडर नहीं : सारण जिले में डीबीटीएल जमा कराने के लिए विभिन्न कंपनियों के समन्वयक विकास कुमार सिंह से पूछे जाने पर वे कहते हैं कि उपभोक्ताओं डीबीटीएल फॉर्म जमा करने के लिए दबाव बनाने के लिए ही सब्सिडीयुक्त सिलिंडर नहीं भेजा जा रहा है.
हालांकि उन्होंने अपने को विभागीय कार्य में व्यस्त होने का हवाला देकर डीबीटीएल जमा करने की प्रगति व उपभोक्ताओं की संख्या बताने से इनकार कर दिया. यही नहीं वे यह भी कहते हैं कि इसकी जानकारी देने की जिम्मेवारी हमारी नहीं है. ऐसी स्थिति में आमजनों की गैस की समस्याओं के बारे में समन्वयक की बेरुखी निश्चित तौर पर आमजनों के लिए दुखद है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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