ग्रामीण परिवेश, सीमित संसाधन, फिर भी बेहतर शिक्षा

छपरा (सदर)/गड़खा : इस व्यवसायी युग में भी विद्यालय को अपना कर्म भूमि मान कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सीमित संसाधनों से बेहतर वातावरण दे रहे गड़खा प्रखंड के वेद नारायण +2 उच्च विद्यालय, महमदपुर के प्रधानाध्यापक. ग्रामीण परिवेश में सह शिक्षा देनेवाले इस विद्यालय में शिक्षकों व छात्रों को बेहतर कार्य क्षमता […]

छपरा (सदर)/गड़खा : इस व्यवसायी युग में भी विद्यालय को अपना कर्म भूमि मान कर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सीमित संसाधनों से बेहतर वातावरण दे रहे गड़खा प्रखंड के वेद नारायण +2 उच्च विद्यालय, महमदपुर के प्रधानाध्यापक.
ग्रामीण परिवेश में सह शिक्षा देनेवाले इस विद्यालय में शिक्षकों व छात्रों को बेहतर कार्य क्षमता के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा कर नियमित कक्षाएं अनुशासन के साथ-साथ चलाने को लेकर आमजनों में भी चर्चाएं हैं. 2300 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में पर्यावरण की दृष्टि से भी वर्तमान प्रधानाध्यापक ने सराहनीय प्रयास किया है.
कहने के लिए सह शिक्षा परंतु, व्यवस्था पूरी तरह अलग-अलग
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अब्दुल कयूम अंसारी की माने, तो 2300 छात्र-छात्राओं वाले इस विद्यालय में तीन अलग-अलग गेट हैं. इसमें एक गेट से सिर्फ छात्राओं का प्रवेश व निकास की व्यवस्था रहती है, जबकि दो अन्य गेटों से ही छात्रों को आने- जाने की अनुमति है. इसी प्रकार नौवीं से लेकर 12 वीं तक की छात्राओं की कक्षाएं अलग-भवन में तथा छात्रों की कक्षाएं अलग भवन में चलती हैं. विद्यालय में तत्क्षण सूचना प्रणाली के लिए एलक्ष्डी टीवी तथा पुस्तकालय का भी नियमित संचालन होता है. यही नहीं इस देहाती क्षेत्र के विद्यालय में शौचालय व यूरिनल की अलग-अलग व पर्याप्त व्यवस्था से आस-पास के ग्रामीण व बुद्धिजीवी भी देख कर दंग रह जाते हैं. विद्यालय के गेट 10 बजे विद्यार्थियों के बाद चार बजे ही खोले जाते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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