मनमानी : चार माह पूर्व हुआ था सौंदर्यीकृत, हटाया गया सामान
छपरा (सदर)/सोनपुर. विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला परिसर स्थित गज-ग्राह चौक पर लगी सारण की सांस्कृतिक पहचानवाली गज ग्राह की प्रतिमा के सौंदर्यीकरण के कुछ ही दिन बाद संवेदक द्वारा एलक्ष्डी लाइट, पोल फव्वारा की मशीन आदि उखाड़ कर मजदूरों के माध्यम से ले जाने की कारगुजारी को लेकर आम लोगों में चर्चाएंहैं.
हालांकि सोनपुर नगर पंचायत के कुछ प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप व डूडा के कार्यपालक अभियंता की पहल पर सौंदर्यीकरण कार्य में लगे सभी सामान को तत्काल सोनपुर थाने में सुरक्षा के मद्दे नजर रखा गया है. वहीं, इस पूरे मामले को लेकर डूडा के कार्यपालक अभियंता भी विभागीय प्रावधान व संवेदक द्वारा मनमाने ढंग से सामान उखाड़ कर ले जाने को लेकर नियमानुसार कार्रवाई की बात कहते हैं. परंतु, इस पर लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर सोनपुर मेले के दौरान एलक्ष्डी लाइट, फव्वारा आदि के द्वारा सुसज्जित किये गये इस चौक के सभी सामान उखाड़ने की घटना को संवेदक ने क्यों अंजाम दिया.
नौ लाख रुपये में हुआ था सौंदर्यीकरण कार्य
गत सोनपुर मेले के दौरान डूडा के तहत चार लाख 50 हजार रुपये की लागत से सिविल वर्क तथा चार लाख 50 हजार रुपये की लागत से लाइट, फ व्वारा, मोटर आदि लगाने का कार्य हुआ. विगत चार महीने से सौंदर्यीकरण कार्य इस चौक की शोभा को बढ़ा रहा था. परंतु, संवेदक ने टेंडर की राशि से बकाया नहीं मिलने के कारण ही सामान को ले जाने की बात आम लोगों से कही.
अब तक संवेदक के बकाया का नहीं हुआ भुगतान
डूडा के कार्यपालक अभियंता आरपी सिंह की मानें, तो संवेदक द्वारा यह सूचना दी गयी थी कि ट्रक के द्वारा धक्का मार दिये जाने ग्रिल टूट गया है. मोटर, एलक्ष्डी बल्ब आदि असुरक्षित होने बात बता कर ही सामान खोलवाया जा रहा है.
अब तक सौंदर्यीकरण कार्य का हस्तांतरण भी नहीं हुआ है तथा विभागीय बकाया है. बकाया का भुगतान विधिवत करने की बात संवेदक को बतायी गयी थी. वहीं, सोनपुर नगर पंचायत को पत्र देकर गज ग्राह चौक पर हुए सौंदर्यीकरण कार्य में लगे सामान को सुरक्षित रखने के लिए पत्र लिखा गया है. संवेदक के द्वारा बकाया के नाम पर सामान को ले जाया जाना गलत है.
ग्रामीणों में संवेदक के खिलाफ नाराजगी
सौंदर्यीकरण कार्य के संवेदक द्वारा सामान को हटवाये जाने से नाराज सोनपुर नगर पंचायत के उपाध्यक्ष विनोद सिंह सम्राट, वार्ड पार्षद शैलेंद्र कुमार राम, दीपक सिंह, राहुल प्रताप सिंह, गब्बर सिंह, राजेश सिंह, सुधीर सिंह आदि के द्वारा नाराजगी जतायी गयी. वहीं, ग्रामीणों ने संवेदक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही. हालांकि अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है.
