पहाड़ों पर फतह के बाद स्कीइंग करने की तमन्ना

उल्लेखनीय : चार ऊंची चोटियों पर प्रेम फहरा चुके हैं तिरंगा सारण के पर्वतारोही प्रेम कुमार सिंह ने माउंट एवरेस्ट समेत चार सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा लहरा कर सूबे का नाम रोशन किया है. अब उनकी निगाहें उत्तरी अमेरिका के माउंट डेनाली व अफ्रीका के माउंट किलीमंजारो पर फतह करने की है. प्रेम माउंटेनियरिंग […]

उल्लेखनीय : चार ऊंची चोटियों पर प्रेम फहरा चुके हैं तिरंगा
सारण के पर्वतारोही प्रेम कुमार सिंह ने माउंट एवरेस्ट समेत चार सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा लहरा कर सूबे का नाम रोशन किया है. अब उनकी निगाहें उत्तरी अमेरिका के माउंट डेनाली व अफ्रीका के माउंट किलीमंजारो पर फतह करने की है. प्रेम माउंटेनियरिंग को खेल का दर्जा नहीं मिलने पर मायूस हैं. उन्होंने सरकार की ओर से कोई प्रोत्साहन नहीं मिलने पर अफसोस जताया.
छपरा (सदर) : सारण के युवा पर्वतारोही प्रेम कुमार सिंह विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंटएवरेस्ट, यूरोप के माउंट एल्ब्रोज, साउथ अमेरिका के माउंट एकोका गोवा आदि पर्वत श्रृंखलाओं पर अपनी सफलता का परचम लहरा चुके हैं. प्रेम अब उत्तरी अमेरिका के माउंट डेनाली, अफ्रीका के माउंट किलीमंजारो, अंटार्टिका के माउंट बेंसन मासेज पर फतह करने की तैयारी में हैं. यह अभियान मई से शुरू हो जायेगा.
यही नहीं, उत्तरी ध्रुव व दक्षिणी ध्रुव पर भी स्कीइंग (बर्फ पर फिसलना) का लक्ष्य रखा है. दो वर्षो में ही पर्वतारोहण में कई उपलब्धि हासिल करनेवाले प्रेम ने माउंटेनियरिंग का प्रशिक्षण हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट दाजिर्लिंग से लिया था. वहीं स्कीइंग (बर्फ पर फिसलना) में भी बेहतर करने के उद्देश्य से आइ-आइ-एसएम गुलमर्ग से वर्ष 2012-13 में प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
इकोनॉमिक्स में स्नातक हैं 25 वर्षीय प्रेम
25 वर्षीय प्रेम पर्वतारोहण के साथ अपनी स्नातक तक की पढ़ाई भी पूरी कर चुके हैं. व्यवसायी पिता राधेश्याम सिंह व मां निर्मला सिंह के पुत्र व पुरसौली निवासी प्रेम ने पर्वतारोहण के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. वहीं, विद्यालयों में पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में पर्वतारोहण तथा स्कीइंग की अभिलाषा व लगातार बुलंदियों पर बढ़ रहे हैं. प्रेम ने वर्ष 2014 में मध्यप्रदेश में मार्च में आयोजित एनडीटीवी द्वारा आयोजित रियलिटी शो वल्बो एक्स सी एडवेंचर भी जीता.
माउंटेनियरिंग को खेल का दर्जा नहीं मिलने से मायूसी
पर्वतारोही प्रेम का कहना है कि विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी भारत में है, परंतु पर्वतारोहण को अब तक खेल का दर्जा नहीं देकर सरकार ने एडवेंचर ही माना है. वहीं, अमेरिका आदि कई देशों में पर्वतारोहण को खेल का दर्जा मिल चुका है. यही नहीं, सरकार के स्तर से कभी न तो प्रोत्साहन मिलता.

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