प्राकृतिक आपदा की मार ङोल रहे किसानों का भविष्य अब होगा सुरक्षित
बाद-सुखाड़ से क्षति होने पर नहीं घबराएं किसान
गैर ऋणी किसान भी होंगे योजना के हकदार
छपरा (सारण) : बाढ़-सुखाड़ व प्राकृतिक आपदा की मार ङोल रहे किसानों का भविष्य अब सुरक्षित होगा. उन्हें फसल बीमा योजना का लाभ मिलेगा. सरकार ने इस जिले को भी फसल बीमा योजना में शामिल किया है और किसानों के द्वारा खेतों में लगायी गयी रबी फसल के बीमा की प्रक्रिया शुरू कर दी है. राष्ट्रीय फसल बीमा योजना में सारण जिले को शामिल करने की घोषणा से किसानों में काफी खुशी है.
सुखाड़ के कारण रबी फसल को क्षति पहुंचने पर किसानों को बीमा कंपनी के द्वारा मुआवजा का भुगतान किया जायेगा. गंगा, सरयू तथा गंडक नदियों से घिरे इस जिले के किसान पिछले करीब एक दशक से बाढ़ तथा सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदा की मार ङोल रहे हैं. जिले में मुख्य रूप से मैदानी इलाकों में गेहूं, धान, मक्का, मसुरिया, मटर, तेलहन, दलहन की खेती होती है. सर्वाधिक धान व गेहूं की फसल लगायी जाती है.
योजनाओं का कार्यान्वयन हुआ सरल : फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन को सरल बनाया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य अधिक-से-अधिक किसानों को लाभ पहुंचाना है. पहले जब यह योजना शुरू हुई थी, तो केवल सहकारी बैंकों के माध्यम से ही बीमा होता था और चयनित फसलों का ही बीमा किया जाता था. लेकिन इस येाजना के सरलीकरण से सभी राष्ट्रीयकृत और ग्रामीण बैंकों के माध्यम से बीमा कराना आसान हुआ है.
इससे लघु, सीमांत एवं बड़े किसानों को अपनी फसलों का बीमा कराने में सहूलियत होगी. अधिकारियों ने की योजनाओं की समीक्षा : संयुक्त कृषि निदेशक विजेंद्र चौधरी तथा जिला कृषि पदाधिकारी रामगोविंद सिंह ने प्रखंड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें कृषि व किसानों के विकास तथा कल्याण के लिए चलायी जा रहीं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. संयुक्त कृषि निदेशक ने सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जैविक खेती के लिए निर्धारित लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करें. सभी योजनाओं के लिए किसानों का चयन कर ऑन लाइन आवेदन कराने का निर्देश दिया गया. कृषि यांत्रिकरण योजना के लक्ष्य से तीन गुणा किसानों का चयन कर आवेदन दाखिल कराने पर बल दिया गया.
गरमा फसल के लिए हरी चादर योजना के तहत 31 जनवरी तक किसानों का चयन करने और ऑनलाइन आवेदन कराने का निर्देश दिया गया. कृषि यांत्रिकीकरण, वर्मी कंपोस्ट, जैविक खेती, गरमा हरी चादर, फसल बीलमा, बायो गैस समेत अन्य योजनाओं की समीक्षा की गयी. बैठक में सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि समन्वयक, किसान सलाहकारों ने भाग लिया.
क्या कहते हैं अधिकारी
कृषि व किसानों के विकास के लिए सरकार द्वारा संचालित योजना का पारदर्शी तरीके से कार्यान्वयन कराया जा रहा है और हकदारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. इसके प्रति लापरवाही तथा उदासीनता बरदाश्त नहीं होगी.
रामगोविंद सिंह, जिला कृषि पदाधिकारी, सारण
मिलेगा मुआवजा
बाढ़ व सुखाड़ से क्षति होने पर किसानों को मुआवजा मिलेगी. इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. खेती करने से किसान पीछे नहीं हटेंगे. बैंक या सेठ-साहूकारों से लिये गये कर्ज को चुकाने में किसानों को कठिनाई नहीं होगी. अगली फसल लगाने के लिए किसानों के समक्ष आर्थिक संकट नहीं खड़ी होगी. खेती-बाड़ी के प्रति किसानों का झुकाव व आकर्षण बढ़ेगा. बैंकों से ऋण लेकर तथा बिना ऋण लिए खेती करनेवाले किसानों को इसका लाभ मिलेगा.
22-23 जनवरी को लगेगा कृषि यांत्रीकरण मेला
छपरा (सारण) : कृषि विभाग की ओर से कृषि भवन के परिसर में 22-23 जनवरी को कृषि यांत्रिकीकरण मेला आयोजित किया जायेगा. इसकी तैयारी व्यापक स्तर पर की जा रही है. जिला कृषि पदाधिकारी रामगोविंद सिंह ने बताया कि सभी किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे दिया गया है.
सभी प्रखंडों व पंचायतवार लक्ष्य का कोटिवार निर्धारण कर दिया गया है और किसानों का चयन कर ऑन लाइन आवेदन कराने को कहा गया है. निर्धारित लक्ष्य से तीन गुणा किसानों का चयन करने का निर्देश दिया गया है. ऑन लाइन आवेदन करनेवाले किसानों को ही अनुदानित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जायेगा.
