छपरा (सदर) : राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थापित सभी कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से डीडीसी रमण कुमार द्वारा लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे हर लिपिक अपने–अपने विभाग के हर कार्य को करने की बेहतर क्षमता रख सके.
डीडीसी के रूप में अपनी पदस्थापना के तुरंत बाद से ही इस युवा आइएएस द्वारा कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों में तत्कालीन डीएम विनय कुमार तथा वर्तमान डीएम अभिजीत सिन्हा का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है. प्रारंभ में डीडीसी श्री कुमार द्वारा प्रधान लिपिकों को प्रशिक्षण व जांच परीक्षा लेकर अंक देने की प्रणाली शुरू की गयी है.
प्रारंभ में कुछ लिपिक इस प्रशिक्षण कार्य में भाग नहीं ले सके थे, जिनसे जवाब तलब कर डीडीसी श्री कुमार ने प्रशिक्षण में आने के लिए मजबूर किया. वहीं लगातार पंचायत सचिवों, तकनीकी पदाधिकारी, समाहरणालय सेवा के लिपिकों आदि का प्रशिक्षण देने के लिए जुलाई को प्रशिक्षण माह के रूप में भी डीआरडीए द्वारा मनाया जा रहा है.
इसके तहत ही रविवार को विभिन्न प्रखंडों व जिला मुख्यालय के लिपिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम समाहरणालय सभागार में चलाया गया. इस दौरान डीडीसी श्री कुमार ने अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभागीय कार्यो के करने की शैली–तौर तरीके आदि का विस्तृत प्रशिक्षण दिया. इस प्रशिक्षण को लेकर कर्मचारियों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है. इस प्रशिक्षण के उद्देश्य के संबंध में पूछे जाने पर डीडीसी श्री कुमार कहते हैं कि सामान्यता कर्मचारियों में यह चर्चाएं रहती है.
किसी खास विभाग का काम कोई खास क्लर्क ही बेहतर ढंग से कर सकता है. आये दिन यह भी देखने को मिलता है कि कुछ पदाधिकारी यह कह कर अपने यहां से कर्मियों को स्थानांतरित होने देना नहीं चाहते या दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण के बावजूद अपने कार्यालय में प्रतिनियोजन कराने के लिए वरीय पदाधिकारियों से आग्रह करते है, जिसका अनावश्यक लाभ संबंधित कर्मी उठाता है.
कई कार्यालयों में एक ही कुरसी पर एक ही क्लर्क कई वर्षो तक बेहतर गुणवत्ता के बहाने जमा रहता है. वहीं कई कार्यालयों में अधिकतर कर्मी बेहतर कार्य क्षमतावाले नहीं होने की बात कह कर पदाधिकारी उन्हें महत्वपूर्ण फाइल नहीं देते.
वहीं, कई कर्मचारी भी कथित रूप से अकुशलता के कारण विभागीय पदाधिकारियों के समक्ष उपेक्षित महसूस करते हैं. इससे कार्यालय की कार्यक्षमता बाधित होती है.
* पदस्थापना के बाद लगातार प्रशिक्षण देकर हर लिपिक को योग्य बनाने की कोशिश कर रहे डीडीसी
* प्रशिक्षण माह के तहत रविवार को लिपिकों का हुआ प्रशिक्षण
* प्रशिक्षण के प्रति पंचायत सचिवों, समाहरणालय लिपिकों व बिहार सरकार के अन्य कर्मियों में भी बढ़ी रुचि
* राज्य सरकार के विभिन्न कार्यालय के सभी कर्मचारियों के बेहतर प्रशिक्षण देकर कुशल बनाया जा सकता है. ताकि बेहतर गुणवत्ता का लाभ उठा कर कोई कर्मी अनावश्यक लाभ नहीं उठाये. इसी उद्देश्य से सभी कर्मचारियों को अलग–अलग प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
रमण कुमार, डीडीसी, सारण
