छपरा (सदर) : तरैया प्रखंड के 13 पंचायतों के 124 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 26 अलग-अलग पदाधिकारियों की टीमों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के जांच के दौरान भारी अनियमितता पायी है. आइसीडीएस की डीपीओ वंदन पांडेय ने ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं द्वारा 03-06 वर्ष से स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को पोशाक राशि विगत दो वर्षों से नहीं देने और अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों के बंद पाये जाने की शिकायतों के बाद अलग-अलग दूसरे प्रखंड के महिला पर्यवेक्षिकाओं की टीम बनाकर चार से पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का जांच कराया.
तरैया प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच में मिली भारी अनियमितता
छपरा (सदर) : तरैया प्रखंड के 13 पंचायतों के 124 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 26 अलग-अलग पदाधिकारियों की टीमों ने आंगनबाड़ी केंद्रों के जांच के दौरान भारी अनियमितता पायी है. आइसीडीएस की डीपीओ वंदन पांडेय ने ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाओं द्वारा 03-06 वर्ष से स्कूल पूर्व शिक्षा प्राप्त […]

जांच के दौरान आम ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों द्वारा की गयी शिकायतों के अलावा भाड़े में चल रहे अधिकतर आंगनबाड़ी केंद्रों के महीनों से किराया भुगतान नहीं करने व अन्य शिकायतें पायी हैं. डीपीओ ने बताया कि सभी 26 जांच टीमों से रिपोर्ट मिलने के बाद मिली शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर स्थानीय पदाधिकारियों अर्थात सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं की उदासीनता व लापरवाही से सरकार की महिलाओं, छोटे बच्चों को आर्थिक व शारीरिक लाभ देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये आंगनबाड़ी केंद्रों का लाभ हजारों जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है. वहीं सभी 26 टीमों की जांच अनियमितता मिलने की खबर के बाद संबंधित पदाधिकारियों, सेविकाओं, सहायिकाओं में हड़कंप मचा है.