छपरा (सदर) : विगत छह दिनों से बारिश व धूप नहीं निकलने से एक ओर जहां तेलहन, दलहन व आलू की फसल के प्रभावित होने तो, दूसरी ओर अब तक गेहूं की खेती नहीं कर पाने वाले किसानों में मौसम की मार से मायूसी है. किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश, जिले के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं व ओलावृष्टि के साथ मौसम खराब रहने से सरसों, चना, मटर, तोड़ी के साथ आलू की फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. वहीं कुछ किसान इससे बचाव के लिए आवश्यक छिड़काव भी खेतों में कर रहें है, परंतु, अबतक जिले में 50 फीसदी भी गेहूं की रोपनी नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ी है.
तेलहन-दलहन की फसलों पर खराब मौसम का प्रतिकूल असर
छपरा (सदर) : विगत छह दिनों से बारिश व धूप नहीं निकलने से एक ओर जहां तेलहन, दलहन व आलू की फसल के प्रभावित होने तो, दूसरी ओर अब तक गेहूं की खेती नहीं कर पाने वाले किसानों में मौसम की मार से मायूसी है. किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश, जिले के कुछ […]

मढ़ौरा के किसान जितेंद्र कुमार ने कहा कि खेत में नमी की वजह से जुताई के बावजूद गेहूं की बोआई नहीं हो पा रही है. वहीं मशरक के किसान कामेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा कि बारिश के साथ ओलावृष्टि व मौसम खराब होने से गेहूं की बोआई काफी प्रभावित हो रही है. दिसंबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है. परंतु, अभी भी 50 फीसदी से ज्यादा खेतों में गेहूं की रोपनी नहीं हो पायी है.
मालूम हो कि सारण जिले में एक लाख हेक्टेयर में चालू वर्ष में गेहूं की रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जबकि विभाग द्वारा 85 हजार हेक्टेयर में अच्छादन का लक्ष्य किया जा रहा है. परंतु धरातल पर स्थिति विपरीत है. इसी प्रकार मक्का के 26 हजार हेक्टेयर में तो, मसूर की एक हजार हेक्टेयर, सरसों की 65 सौ हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
सर्दी आने से पहले ही शहर के दुकानदारों के खिले चेहरे
सर्दी आने से पहले ही शहर के दुकानदारों ने गर्म कपड़ो का स्टॉक मंगा लिया था. मौसम खराब होते ही इन दुकानदारों के बिक्री में इजाफा हुआ है. गत एक सप्ताह से चल रही तेज सर्द हवाओं के बाद दुकानदारों के चेहरे की चमक भी बढ़ गयी है. दुकानों पर खरीदारों की संख्या भी बढ़ गयी है. वहीं शहर के डांकबंगला रोड पर ल्हासा से आये गर्म कपड़े के व्यवसायियों की उम्मीदे भी बढ़ गयी है. पिछले पंद्रह दिनों से यहां ऊलेन बाजार लगा है. वहीं हथुआ मार्केट, डाकबंगला रोड, साहेबगंज आदि क्षेत्रों में लगे ऊलेन दुकानों में खरीदारों की भीड़ बढ़ने लगी है.