अतिक्रमणकारियों को सहयोग के मामले में अकाउंटेंट से शो-कॉज

छपरा (सदर) : छपरा शहर से सटे विघटित कृषि उत्पादन बाजार समिति की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले 48 कब्जाधारियों के विरुद्ध सदर एसडीओ सह विशेष पदाधिकारी लोकेश मिश्रा द्वारा नोटिस जारी कर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया जा रहा है. वहीं, उनके अधीनस्थ कर्मी द्वारा वरीय पदाधिकारियों को नजरअंदाज कर नियम के […]

छपरा (सदर) : छपरा शहर से सटे विघटित कृषि उत्पादन बाजार समिति की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले 48 कब्जाधारियों के विरुद्ध सदर एसडीओ सह विशेष पदाधिकारी लोकेश मिश्रा द्वारा नोटिस जारी कर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया जा रहा है. वहीं, उनके अधीनस्थ कर्मी द्वारा वरीय पदाधिकारियों को नजरअंदाज कर नियम के विरुद्ध सरकारी जमीन का आवंटन कर अतिक्रमण कराया जा रहा है.

इसे लेकर बाजार समिति में व्यवसाय करने वाले वैध या अवैध व्यवसायियों में चर्चाएं हैं. विघटित बाजार समिति के अकाउंटेंट की मिलीभगत से आवंटित जमीन पर स्थायी ढांचा निर्माण की शिकायत मिलने के बाद सदर एसडीओ ने मौके पर पहुंचकर एक ओर जहां निर्माण कार्य को रुकवाया है, वहीं दूसरी ओर इस पूरे मामले में विभाग से मार्गदर्शन मांगा है.
परंतु सवाल यह उठता है कि सरकार की लाखों-लाख रुपये की जमीन जो नियमानुसार किसी के नाम आवंटित करने का अधिकार विघटन की स्थिति में नहीं है बावजूद विघटित बाजार समिति के अकाउंटेंट द्वारा अकाउंटेंट की मिलीभगत से 15 अक्तूबर, 2018 को ही कृषि बाजार समिति परिसर के ही एक व्यवसायी के नाम आवंटित कर दिया गया है. नियमानुसार स्थायी आवंटन करने के साथ-साथ स्थायी ढांचा निर्माण का प्रावधान नहीं है.
बावजूद एकाउंटेंट की मिलीभगत से लगभग एक कट्ठा जमीन को गलत तरीके से तत्कालीन एसडीओ सह विशेष पदाधिकारी चेतनारायण राय के कार्यकाल में आवंटन कराया गया है. मामला उजागर होने के बाद सदर एसडीओ लोकेश मिश्रा ने कहा कि पूर्व में आठ मार्च को ही सभी 48 दुकानदारों जिनके द्वारा अवैध तरीके से बाजार समिति के प्रांगण में प्लेटफॉर्म एवं परती जमीन को अतिक्रमित किया गया है, उन्हें एक सप्ताह के अंदर खाली करने का निर्देश दिया गया था.
परंतु, लोकसभा आम चुनाव घोषणा के कारण अतिक्रमण हटाने का कार्य नहीं हो सका. अब ऐसे दुकानदारों के अवैध कब्जे को एक सप्ताह के अंदर ही बाजार समिति प्रांगण से हटाने की कार्रवाई की जायेगी तथा अवैध कब्जा हटाने पर आने वाले खर्च संबंधित दुकानदारों से वसूली जायेगी.
साथ ही उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी. वहीं बाजार समिति के अकाउंटेंट से प्रांगण में आवंटित दुकानों, किराया से संबंधित सभी फाइल उपस्थापित करने का आदेश देते हुए जवाब-तलब किया गया है.
मालूम हो कि वर्ष 2006 के दिसंबर में राज्य सरकार के निर्देश पर विघटित कृषि उत्पादन बाजार समिति की जमीन, प्लेटफाॅर्म आदि को किसी भी स्थिति में आवंटित करने के लिए सरकार से अनुमति के साथ-साथ विहित प्रक्रिया को अपनाना है. परंतु, वरीय पदाधिकारियों की उदासीनता तथा कर्मियों की मिलीभगत से सरकार की लाखों लाख की जमीन पर स्थायी अतिक्रमण किया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >