जिले के पैक्स एवं व्यापार मंडलों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
छपरा (सदर) : वर्ष 2016-17 में धान खरीदारी के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के तहत सभी पैक्स एवं व्यापार मंडलों को बेहतर कार्य करना है. अधिप्राप्ति का कार्य पूरी तरह से सरकार के द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत करते हुए निर्धारित अधिप्राप्ति के लक्ष्य को पूरा करने में पैक्स एवं व्यापार मंडल के अध्यक्षों को दायित्वों का निर्वहन करना होगा. ये बातें सारण के डीएम हरिहर प्रसाद ने सोमवार को स्थानीय चंद्रावती ऑडोटोरियम में व्यापार मंडल एवं पैक्सों के एक दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद कहीं. उन्होंने कहा कि इस वर्ष किसानों को भुगतान की प्रक्रिया उनके खाते में आरटीजीएस/निफ्ट के माध्यम से की जायेगी.
इसकी जानकारी एसएमएस से दी जायेगी. सभी किसानों का खाता आधार नंबर से लिंक होना जरूरी है. वहीं धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया किसानों द्वारा ऑनलाइन निबंधन के पश्चात संबंधित पैक्सों द्वारा की जायेगी. इस अवसर पर सारण प्रमंडल के संयुक्त निबंधक सहयोग समितियां चंद्रशेखर सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी म. नेशार अहमद ने अपने संबोधन में अधिप्राप्ति के तौर-तरीकों के अलावा यह बताया कि 15 नवंबर से 31 मार्च 2018 तक धान अधिप्राप्ति की जायेगी.
वहीं सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 20 जून निर्धारित है.
197 पैक्स तथा 9 व्यापार मंडल करेंगे चालू वर्ष में धान अधिप्राप्ति : इस अवसर पर आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए स्टेट कॉपरेटिव बैंक के मैनेजर अजय कुमार ने बताया कि जिले में किसानों को अधिप्राप्ति के लिए निबंधन हेतु भूस्वामित्व प्रमाणपत्र, एलपीसी तथा मालगुजारी रशीद ज्ञापांक एवं दिनांक के साथ देना होगा.
जिले में 323 पैक्सों एवं 20 व्यापार मंडलों में से 197 पैक्स एवं 9 व्यापार मंडल धान अधिप्राप्ति करेंगे. वहीं किसानों को फोटो युक्त पहचान पत्र/आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक का पासबुक, केसीसी पासबुक मे से कोई पहचान पत्र के रूप में देना होगा. वहीं बटाईदारों को भी फोटो, आधार कार्ड, बैंक का पासबुक, धान की खेती की गयी भूमि का स्व घोषणा पत्र वार्ड सदस्य या पंचायत किसान सलाहकार की अनुशंसा पर देना होगा. सरकार ने चालू अधिप्राप्ति वर्ष 16-17 में साधारण धान 1550 रुपये प्रति क्विंटल तथा ग्रेड ए धान 1590 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिप्राप्ति का निर्देश दिया है. धान के लिए इस बार नमी की मात्रा 17 फीसदी ही रखी गयी है.
