अवैध कारोबार पर लगाम के लिए राज्य मुख्यालय ने भेजे 30 जवान
छपरा (सदर) : सरकार की रोक के बावजूद सारण जिले में आस-पास के जिलों के बालू माफियाओं से संपर्क कर बालू के अवैध कारोबार को संचालित किया जा रहा है. इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) ने सारण जिले को 30 सैप जवान उपलब्ध कराते हुए हर हाल में बालू के अवैध खनन पर रोक […]
छपरा (सदर) : सरकार की रोक के बावजूद सारण जिले में आस-पास के जिलों के बालू माफियाओं से संपर्क कर बालू के अवैध कारोबार को संचालित किया जा रहा है. इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) ने सारण जिले को 30 सैप जवान उपलब्ध कराते हुए हर हाल में बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने का निर्देश दिया है.
डीएम हरिहर प्रसाद तथा पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने 20 सैप जवानों को सोनपुर के सबलपुर दियारा आदि क्षेत्रों में तैनात किया है. साथ ही शेष 10 सैप जवानों को अन्य स्थानों पर लगाकर छापेमारी व धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश सोनपुर एसडीओ, एसडीपीओ को दिया है. पुलिस महानिरीक्षक अभियान में अपने प्रेषित पत्र 576 में स्पष्ट किया है कि सोनपुर स्थित सबलपुर में पटना जिले से बालू का अवैध खनन कर इस क्षेत्र में भंडारित कर बालू का व्यापार किया जा रहा है.
इस पर रोक लगाना अति आवश्यक है. डीएम ने सोनपुर अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया है कि बालू के अवैध खनन एवं परिवहन की राेकथाम के लिए सैप के जवानों के साथ-साथ दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी के प्रतिनियुक्ति कर संबंधित क्षेत्र में लगातार छापेमारी करायी जाये.
साथ ही उक्त कार्य में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन सुनिश्चित करें. मालूम हो कि सरकार के द्वारा बालू के अवैध खनन तथा व्यवसाय पर रोक लगाये जाने तथा सरकारी स्तर पर भी खनन एवं कारोबार के निर्णय के बावजूद छपरा शहर से लेकर डोरीगंज तक दर्जन भर बालू माफियां कुछ स्थानीय खनन विभाग के पदाधिकारियों से तथा पुलिस पदाधिकारी से कथित मिलीभगत कर अब भी लाल बालू के खनन एवं कारोबार को जहां अंजाम दिया जा रहा है. वहीं आमजनों से बालू के व्यवसाय पर रोक का हवाला देकर काफी ज्यादा कीमत वसूली जा रही है.
क्या कहते हैं अधिकारी
सरकार के निर्देश के आलोक में जवानों की तैनाती के साथ-साथ बालू के अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है. किसी भी प्रकार की मिलीभगत यदि स्थानीय स्तर पर उजागर होती है, तो संबंधित सरकारी कर्मियों या जवानों के विरुद्ध निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी.
हरिहर प्रसाद, डीएम, सारण