छपरा(सारण) : वर्तमान समय में जिले में करीब दो दर्जन ही लाइसेंसधारी पटाखा दुकानें हैं. विगत 20 वर्षों के अंदर एक भी लाइसेंस पटाखा दुकानों को निर्गत नहीं किया गया है. सरकारी प्रावधान के तहत पटाखों की दूकानों को स्थायी लाइसेंस निर्गत किया जाता है.
पटाखा बेचने के लिए विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा फायर सेफ्टी एक्ट का पालन करना अनिवार्य है. पटाखों की दुकानों तथा गोदामों में अग्नि सुरक्षा के उपाय करने हैं. लाइसेंस निर्गत करने के दौरान ही इसकी जांच की जाती है. समय-समय पर प्रशासन के द्वारा दुकानों व गोदामों की जांच की जाती है. नियमों का पालन नहीं करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. फायर ब्रिगेड की ओर से पटाखों की दुकानों और गोदामों की जांच की जाती है.
इस वर्ष सभी गोदामों तथा दुकानों की जांच की जा चुकी है. डीएम के निर्देश पर मॉक ड्रिल शुरू : दीपावली व छठ पूजा के दौरान आतिशबाजी से अगलगी की घटना होने की आशंका रहती है. इसके मद्देनजर डीएम हरिहर प्रसाद ने अग्निशमन पदाधिकारी को मॉक ड्रिल कराने का निर्देश दिया है. इस आलोक में जिले के विभिन्न स्थानों पर मॉक ड्रिल शुरू कर दी गयी है.
