मानकों की अनदेखी पर दर्ज होगी प्राथमिकी
छपरा (सदर) : जिले में नियम के विरुद्ध ईंट भट्ठों के संचालन से सरकार को प्रति वर्ष लाखों रुपये के राजस्व का चुना लग रहा है. हालांकि इस बार खनन विभाग के स्थानीय किसी भी स्थिति में गैर लाइसेंसी एवं नियमों के विरुद्ध ईंट भट्ठा का संचालन नहीं होने देने के लिए संकल्पित दिख रहे हैं, जिसके तहत बिना पर्यावरणीय एनओसी तथा अन्य कार्रवाई को पूरा किये ईंट भट्ठा के संचालन करने वालों पर जुर्माना लगाने एवं मुकदमा दर्ज करने की भी बात कहते हैं. परंतु, मजे की बात तो यह है कि अबतक डीएम के आदेश के बावजूद 75 फीसदी संबंधित अंचलों के अंचलाधिकारियों ने अपने क्षेत्र में संचालित होने वाले ईंट भट्ठों की सूची तक उपलब्ध नहीं करायी है, जो निश्चित तौर पर प्रारंभ में प्रशासनिक स्तर पर कार्यों में दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही को दर्शाता है.
अधिसूचित क्षेत्र का पंजीयन शुल्क एक लाख तीन हजार पांच सौ, तो ग्रामीण क्षेत्र का 74500 रुपये : जिला खनन निरीक्षक की माने, तो अधिसूचित क्षेत्र में चार किलोमीटर की रेडियस में संचालित होने वाले ईंट भट्ठा चिमनी का पंजीयन शुल्क एक लाख तीन हजार पांच सौ रुपये तथा ग्रामीण क्षेत्र के ईंट भट्ठा सेंटर का पंजीयन शुल्क 74 हजार पांच सौ रुपये शुल्क निर्धारित है. गत वर्ष जिले में 288 ईंट भट्ठा संचालकों ने लाइसेंस लिया था. इस बार नये सीजन में किसी भी स्थिति में नियमों का अनुपालन कराने में कोताही नहीं होगी. ईंट भट्ठा चिमनी के लिए पंजीयन हेतु शुल्क के साथ-साथ पर्यावरण के एनओसी तथा आयकर विभाग से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. खनन विभाग के कड़े रुख के बाद इस बार ईंट भट्ठा संचालकों में सीजन के शुरू होते ही बेचैनी देखी जा रही है.
जुर्माना एवं मुकदमा का है प्रावधान : बिना पंजीयन कराये, नियम के विरुद्ध ईंट भट्ठा संचालन करने वालों के विरुद्ध संबंधित कटेगरी के पंजीयन शुल्क के समतुल्य राशि तक जुर्माने के साथ-साथ 24 फीसदी की दर से ब्याज राशि वसूलने का प्रावधान विभाग ने किया है. इसके अलावा खनन विभाग के सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज भी किये जाने का प्रावधान है. ऐसी स्थिति में कोई भी ईंट भट्ठा संचालक, यदि बिना लाइसेंस के ईंट भट्ठा चलाता है, तो कार्रवाई तय है.
प्रशासन ने सभी सीओ से संचालित होने वाले ईंट-भट्ठों की सूची मांगी है
मानकों को नजरअंदाज कर ईंट-भट्ठा संचालन करने से राजस्व की क्षति के साथ-साथ पर्यावरण भी हो रहा प्रभावित
क्या कहते हैं पदाधिकारी
ईंट-भट्ठा संचालन के मानकों को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी, वहीं नये सत्र में किसी भी स्थिति में बिना लाइसेंस के ईंट-भट्ठा का संचालन करने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ-साथ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
महेश्वर पासवान, खनन निरीक्षक, सारण
