मांझी : रविवार को मांझी के बैरिया घाट तथा फुलवरिया घाट पर एक साथ दो-दो किशोरों के डूबने से हुई मौत के बाद समाजसेवी व नेताओं ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा की मांग की है. लोगों का कहना था कि मझनपुरा से जई छपरा तक लगभग 25 किमी का सरयू का तटीय क्षेत्र भगवान भरोसे है. इस वर्ष नदी की तेज धारा के कारण मांझी के प्रसिद्ध राम घाट, डुमाई गढ़ घाट समेत आधा दर्जन घाट खतरनाक हो चुके हैं तथा लोगों के डूबने की कई घटनाएं घट चुकी हैं.
लोगों ने दशहरा से छठ पूजा तक इन घाटों की बैरिकेडिंग कराने, सरकारी स्तर पर स्थायी रूप से दो मोटर बोट उपलब्ध कराने तथा घाटों पर गोताखोरों की नियुक्ति करने की मांग की है. लोगों ने इस कार्य के लिए स्वयं भी आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. सीओ सिद्धनाथ सिंह तथा थानाध्यक्ष अनुज कुमार पांडेय ने लोगों की मांग से जिला प्रशासन को अवगत कराने का आश्वासन दिया.
मौके पर मुखिया संतोष पहलवान, अख्तर अली, विजय सिंह, सत्यनारायण प्रसाद यादव, पूर्व उपप्रमुख रामकृष्ण सिंह, उमाशंकर ओझा, पंडित यादव, शैलेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे.
