डूबने से दो बच्चों की हुई मौत

दुखद. मां के साथ पोखरे में स्नान करने गये थे बच्चे बनियापुर : जिउतिया पर्व के दौरान माता के साथ पोखरे में स्नान करने गये दो बच्चों की डूबने से मौत हो गयी. घटना बुधवार की देर रात की बतायी जाती है. मामले की सूचना पर रात्रि में थानाध्यक्ष ज्वाला सिंह, एसआई श्याम चरण दास, […]

दुखद. मां के साथ पोखरे में स्नान करने गये थे बच्चे

बनियापुर : जिउतिया पर्व के दौरान माता के साथ पोखरे में स्नान करने गये दो बच्चों की डूबने से मौत हो गयी. घटना बुधवार की देर रात की बतायी जाती है. मामले की सूचना पर रात्रि में थानाध्यक्ष ज्वाला सिंह, एसआई श्याम चरण दास, एएसआई विजय सिंह पुलिस बल के साथ गोताखोर और जाल लेकर पहुंचे,
जिसके बाद गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव को निकाला. मृत बच्चों की पहचान थाना क्षेत्र के मझवालिया खुर्द निवासी संतोष राय के सात वर्षीय पुत्र संदीप कुमार और बगल के ही मझवालिया कला निवासी एसपी लाल पंडित के छह वर्षीय पुत्र आयुष कुमार के रूप में की गयी. घटना के संबंध में बताया जाता है कि बनियापुर थाना क्षेत्र के हरिहरपुर शिव मंदिर स्थित पोखरा पर जिउतिया पर्व के स्नान को लेकर बुधवार की संध्या महिलाओं की काफी भीड़ जुटी थी, जहां दोनों बच्चे अपने माता के साथ गये हुए थे.
अप्राकृतिक मौत की प्राथमिकी दर्ज : मृत बच्चों के मामले में स्थानीय थाने में यूडी केस दर्ज करायी गयी है. दर्ज प्राथमिकी में संतोष राय ने बताया है कि जिउतिया स्नान और पूजा-पाठ को लेकर मेरी पत्नी के साथ बच्चा भी पोखरा पर गया था. घर आने पर पत्नी ने बच्चे को साथ नहीं पाकर काफी खोजबीन की. मगर कही भी पता नहीं चला, जिसके बाद शंका हुई कि कही पोखरे में तो नहीं डूब गया. तभी आयुष के परिजन भी उसको ढूंढते हुए पोखरे पर आ गये,
जिसके बाद मामले की सूचना थाने को दी गयी. थानाध्यक्ष के पहुंचने पर गोताखोरों के माध्यम से दोनों बच्चों के शव को निकाला गया. शव को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था की शरीर में अत्यधिक जल के प्रवेश से पेट फूल गया है. शव को पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल भेज दिया गया. अंचलाधिकारी ललन सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार को प्रावधान के मुताबिक आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी.
डूबने की खबर से परिजनों में कोहराम
बच्चों की डूबने की खबर मिलते ही गांव में मातमी सन्नाटा छा गया. रात्रि का समय होने के बावजूद भी घटनास्थल पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. आसपास के लोगों को मौत की खबर पर सहसा भरोसा नहीं हो रहा था. स्थानीय लोगों का कहना था कि थोड़ी देर पहले तक हंसते-खेलते बच्चों के साथ इस तरह का हादसा भी हो सकता है, ऐसा किसी ने सोचा भी नहीं था. बच्चों की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों के चीखपुकार से माहौल गमगीन हो गया. परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे,
जब बच्चे के लाड़-प्यार में किसी ने माता के साथ स्नान को जा रहे बच्चों को रोक न सका. उपस्थित लोगों को वस्तुस्थिति को देखते हुए सांत्वना के लिए शब्द कम पर रहे थे.
माता की क्रंदन को देख मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गयीं थीं.

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