छपरा (सदर) : कारा महानिरीक्षक बिहार में मंडल कारा छपरा के तीन अपराधियों, जिन्हें छह माह पूर्व विशेष केंद्रीय कारा भागलपुर तथा केंद्रीय कारा भागलपुर में सुरक्षा के मद्देनजर भेजा गया था. उनके केंद्रीय कारा भागलपुर से छपरा कारा में पुन: भेजने पर कारा महानिरीक्षक ने रोक लगा दी है. इन आपराधिक बंदियों में छपरा शहर का अरुण साह, नन्हकि सिंह तथा कन्हैया महतो शामिल हैं. इन अपराधियों पर जिला पुलिस के अनुसार विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं. वहीं छपरा कारा प्रशासन को इन बंदियों के छपरा में रहने से परेशानी के मद्देनजर तत्काल केंद्रीय कारा भागलपुर में ही तीन माह और रखने का निर्देश दिया है.
इन तीनों अपराधियों के संबंध में जिला एवं पुलिस प्रशासन ने आइजी जेल को पत्र भेजकर अगस्त माह में इन तीनों बंदियों के पूर्व के आदेश के अनुसार केंद्रीय कारा भागलपुर से मंडल कारा छपरा लाने की अवधि तीन माह बढ़ा दी है. इस संबंध में जिला प्रशासन ने एक माह पूर्व ही पत्र भेजा था. अब अगले तीन माह तक तीनों बंदी भागलपुर में ही रहेंगे. जिला पदाधिकारी हरिहर प्रसाद के अनुसार इस संबंध में आइजी जेल के पत्र के आलोक में कारा प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. मालूम हो कि इन बंदियों के अलावा भी एक दर्जन बंदी भागलपुर, बक्सर, गया, मोतिहारी आदि केंद्रीय काराओं में सरकार के निर्देश के आलोक में भेजे गये है. सरकार निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद अपराधियों के कार्यकलाप के आधार पर ही केंद्रीय कारा या मंडल कारा में रखने का निर्णय लेती है.
