सारण की 27 पंचायतों के 113 गांव बाढ़ की चपेट में

सारण जिले में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है. जिले के पानापुर, तरैया, मशरक, परसा, मकेर एवं दरियापुर के 27 पंचायतों के 113 गांवों की एक लाख 20 हजार की आबादी बाढ़ से पीड़ित हैं. बाढ़ के पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गयी, जिनमें तरैया थाना क्षेत्र के वाइडीबीएस […]

सारण जिले में बाढ़ ने विकराल रूप धारण कर लिया है. जिले के पानापुर, तरैया, मशरक, परसा, मकेर एवं दरियापुर के 27 पंचायतों के 113 गांवों की एक लाख 20 हजार की

आबादी बाढ़ से पीड़ित हैं. बाढ़ के पानी में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गयी, जिनमें तरैया थाना क्षेत्र के वाइडीबीएस कॉलेज के समीप बाढ़ के पानी में डूबने से रविवार को दो व्यक्ति की मौत हो गयी. जिनका शव सोमवार को बरामद किया गया . वहीं पानापुर प्रखंड के टोटहा जगतपुर गांव 45 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गयी.
छपरा (सदर) : सारण प्रमंडल के बाढ़ से ग्रस्त गोपालगंज एवं सारण में बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाये. इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी. जिलाधिकारियों को फीडबैक मेकेनिज्म को भी दुरुस्त करना चाहिए. साथ ही बाढ़पीड़ितों की सहायता के लिए जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों एवं बाढ़ पीड़ितों से फीडबैक लेने की जरूरत है. साथ ही मिलने वाली शिकायतों को यथाशीघ्र दूर करने की जरूरत है.
ये निर्देश प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल ने सोमवार को सारण, सीवान, गोपालगंज के जिला पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बाढ़ राहत की समीक्षा के दौरान कही. आयुक्त ने यह भी कहा कि हर सप्ताह जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी बैठक करें.
सारण, गोपालगंज के 287 गांवों की चार लाख 64 हजार आबादी बाढ़ प्रभावित : आयुक्त के समीक्षा के दौरान सारण के डीएम हरिहर प्रसाद ने बताया कि सारण जिले के पानापुर, तरैया, मशरक, परसा, मकेर एवं दरियापुर के 27 पंचायतों के 113 गांवों की एक लाख 20 हजार की आबादी बाढ़ से पीड़िच है. सभी बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत कैंपों में लगभग 11 हजार बाढ़पीड़ितों को दिन रात पका भोजन एवं नाश्ता दिया जा रहा है. बाढ़ग्रस्त प्रखंडों में 9643 पॉलीथिन, 13200 फूड पैकेट भेजे गये हैं.
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 11 मेडिकल कैंप तथा शिविर कार्यरत हैं. वहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों मशरक, पानापुर में अस्थायी चापाकल का निर्माण पीएचइडी के दौरान कराया जा रहा है. इसी प्रकार गोपालगंज के कुचायकोट, बैंकुठपुर, गोपालगंज, छित्रवलिया, मांझा एवं बरौली के 174 गांवों के तीन लाख 45 हजार की आबादी प्रभावित है. दोनों जिलों में राहत शिविरों में अस्थायी शौचालय राहत केंद्र के अलावा एक सौ से ज्यादा सामुदायिक रसोई चल रहा है. सारण में एनडीआरएफ की तीन टीमें लगायी गयी है. बैठक में आयुक्त ने सभी जिला पदाधिकारियों को राहत शिविरों का औचक निरीक्षण करने तथा मातहतों को विशेष निर्देश देने का निर्देश दिया. आयुक्त ने निर्देश दिया कि जांच टीम का गठन कर बाढ़ राहत के अलावा सामान की प्राप्ति एवं वितरण की नियमित जांच करायी जाये.
वहीं सभी प्रखंडों से संबंद्ध नोडल पदाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण करने पर भी बल दिया. बैठक में सारण के डीएम हरिहर प्रसाद, आयुक्त के सचिव राजेश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी जयरामपाल, डीआरडीए के उप निदेशक अनिल कुमार चौधरी आदि शामिल थे.
तुर्की गांव के उत्तर टोला के बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिली सहायता: पानापुर. बंगरा गांव में सारण तटबंध टूटने से पूरा प्रखंड जलमग्न है. पिछले तीन दिनों से प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों गांव पानी में डूबे हुए है. लेकिन प्रशासन द्वारा चलायी जा रही राहत व बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रही है. तीन दिन बाद भी प्रशासन सभी लोगों को राहत पहुंचाने में असफल साबित हो रही है.
प्रखंड मुख्यालय स्थित तुर्की गांव के उत्तर टोला में लगभग एक दर्जन घर पूरी तरह जलमग्न है. बाढ़ पीड़ित पानापुर-राजापट्टी मुख्य मार्ग पर नहर के बांध पर शरण लिए हुए है. जबकि कुछ अपने घरों के छतों पर ही डेरा डाले हुए है. तीन दिन बाद भी इस टोले में प्रशासनिक मदद नहीं पहुंच पायी है. जब प्रखंड मुख्यालय स्थित गांव के टोले में ही बाढ़ पीड़ितों को राहत नहीं मिल रही है तो प्रखंड के सुदूरवर्ती गांव के टोलों में राहत बचाव कार्य की क्या स्थिति होगी. इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है.
ग्रामीण राज बहादुर सिंह, बीर बहादुर सिंह, प्रभुनाथ सिंह, रामेश्वर सिंह, अनु सिंह, अर्चना देवी, शत्रुघ्न यादव, विक्रमा राय व अन्य ने कहा कि प्रशासन द्वारा अब तक कोई मदद नहीं की गयी है. प्रशासनिक कोई भी अधिकारी अब तक कोई नहीं पहुंचा. लोगों के बीच न खाद्य सामग्री वितरित की गयी है और न मवेशियों के लिए चारा ही उपलब्ध कराया गया है. टोला वासी किसी तरह अपनी व्यवस्था से जीवन यापन करने में जुटे हैं. टोला वासियों में स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा रोष है.
विधायक ने राहत कोष में भेजे 50 हजार: अमनौर. बिहार में बाढ़ से आयी तबाही के बाद बाढ़पीड़ितों की मदद के लिए कई लोग सामने आ रहे हैं. उसी करी में अमनौर के भाजपा विधायक शत्रुध्न तिवारी उर्फ चोकर बाबा ने बाढ़ पीड़ितों के सहायतार्थ बाढ़ राहत कोष में 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया. सोमवार को विधायक चोकर बाबा ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में संगठन महामंत्री नागेंद्र जी को उक्त चेक सौंपा. उक्त आशय की जानकारी स्थानीय विधायक ने दिया.
उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित लोगों का सेवा करना ही मानव का मानवीय धर्म है.
ऐसे आपदा में पीड़ितों की सहायता करना ही सच्चा धर्म है. इससे सच्चे मानव की पहचान होती है. इधर बाढ़ राहत कोष में उक्त राशि के दान करने पर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं व आम लोगों ने सराहा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >