विवादों को भूल कर नयी सरकार विकास को दे गति
छपरा(नगर) : बीते दो दिनों में राज्य में आई राजनीतिक अस्थीरता के बाद लोगों में भी असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही थी. हालांकि जदयू और बीजेपी ने मिल कर विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर लिया है, जिसके बाद आमजन को भी एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में सुशासन […]
छपरा(नगर) : बीते दो दिनों में राज्य में आई राजनीतिक अस्थीरता के बाद लोगों में भी असमंजस की स्थिति देखने को मिल रही थी. हालांकि जदयू और बीजेपी ने मिल कर विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर लिया है, जिसके बाद आमजन को भी एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में सुशासन का इंतजार है.
विरोधियों के दबाव के बीच भ्रष्टाचार मुक्त बिहार, शराबबंदी कानून का कठोरता पूर्वक पालन, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक बदलाव, केंद्र प्रायोजित योजनाओं का सफलता पूर्वक संचालन, स्वच्छ भारत अभियान, खुले में शौच से मुक्ति, युवाओं को रोजगार समेत ऐसे कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जो इस नई सरकार के लिए चुनौती बन सकती हैं. बदलते समीकरणों के बीच जनता के मन में उठे सवाल और सरकार से बढ़ी उम्मीदों को लेकर हमने अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बात की और उनकी मनोस्थिति जानने का प्रयास किया.
राज्य में नयी सरकार के गठन के बाद लोगों ने रखे अपने विचार
बेरोजगारी आज भी बड़ी समस्या है. राजनीति से हट कर अगर विकास के मुद्दे पर सरकार सजग होगी, तभी बिहार का विकास संभव है. नयी सरकार विवादों से हट कर विकास को गति दे.
मोहित कुमार, शिक्षक
बीजेपी के साथ मिल कर जदयू ने पहले भी सरकार चलायी है. अब तो केंद्र और राज्य दोनों जगहों पर एनडीए की सरकार है. ऐसे में उम्मीदें बढ़ गयी हैं.
नितेश कुमार, दुकानदार
सरकार व्यवसायियों के हित में कार्य करे तो बेहतर होगा. हममें जो असुरक्षा की भावना है, उसे लेकर सरकार को कोई विशेष प्लानिंग करनी चाहिए, ताकि हम निर्भय होकर व्यवसाय कर सकें.
राजेश बिहारी, कंप्यूटर व्यवसायी
रोजगार दिलाने के कई वादे कर चुके हैं, पर स्थायी नौकरी दिलाने को लेकर अब तक सिर्फ वादा ही किया जाता है. इस दिशा में कार्य होना चाहिए.
परमेश्वर साहू, सेल्स रिप्रजेंटिव
शहर में रात आठ बजे के बाद निकलने में हम महिलाएं असहज महसूस करती हैं. महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए. इस सरकार से हमें काफी उम्मीदें हैं.
अनीता सिंह, गृहिणी
विशेष राज्य का दर्जा मिलने में अब देरी नहीं होनी चाहिए. जब दोनों पार्टियों में समझौता विकास को लेकर हुआ है, तो सिर्फ विकास पर केंद्रित होना चाहिए.
कृष्णकांत शाही, दवा व्यवसायी
जिले में स्थित जेपी विश्वविद्यालय में सत्रों की अनियमितता से हजारों छात्रों का भविष्य संकट में है. नई सरकार अगर इस संदर्भ में कुछ पहल करें, तो छात्रों का कल्याण संभव है.
अमीशा कुमारी, छात्रा
बड़े शहरों की तर्ज पर हमारे शहर में भी मेडिकल व इंजीनियरिंग का सेंटर खोलना चाहिए, जिससे यहां के स्टूडेंट्स को बाहर नहीं जाना पड़े.
सुरभि कुमारी, छात्रा