छापेमारी से कई विभागों में रही अफरातफरी

छपरा (सदर) : सा रण के स्थानांतरित जिला सहकारिता पदाधिकारी राकेश शर्मा की शनिवार को दोपहर बाद निगरानी पुलिस के गिरफ्त में आने की परिस्थितियों को लेकर समाहरणालय परिसर में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों, सहकारिता से जुड़े आम लोगों तथा समाहरणालय कर्मियों में अलग-अलग चर्चाएं रही. कार्यालय के कर्मियों की माने तो निगरानी की टीम […]

छपरा (सदर) : सा रण के स्थानांतरित जिला सहकारिता पदाधिकारी राकेश शर्मा की शनिवार को दोपहर बाद निगरानी पुलिस के गिरफ्त में आने की परिस्थितियों को लेकर समाहरणालय परिसर में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों, सहकारिता से जुड़े आम लोगों तथा समाहरणालय कर्मियों में अलग-अलग चर्चाएं रही. कार्यालय के कर्मियों की माने तो निगरानी की टीम ने डीसीओ कार्यालय में जाकर डीसीओ शर्मा को रिश्वत के रूपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया.

उस दौरान वे जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों के साथ सीएमआर तथा अन्य विभागीय कार्यों को लेकर बैठक कर रहे थे. निगरानी पुलिस ने जहां शर्मा को रिश्वत के रूपये लेने के आरोप में गिरफ्तारी की बात कही है. वहीं डीसीओ कार्यालय के कर्मियों की माने तो निगरानी की टीम ने बैठक के दौरान गिरफ्तार किया. उनकी माने तो इस दौरान कोई भी व्यक्ति रिश्वत भी लेना हो, तो दर्जन भर पदाधिकारियों के सामने किसी भी पैक्स अध्यक्ष या अन्य व्यक्ति से रिश्वत स्वीकार नहीं कर सकता. हालांकि निगरानी की छापेमारी के बाद समाहरणालय परिसर के कई कार्यालयों में अफरातफरी व भय का माहौल देखा गया.

शुक्रवार को नहीं दिया प्रभार : जिला सहकारिता पदाधिकारी राकेश शर्मा का तबादला गोपालगंज जिला सहकारिता पदाधिकारी के रूप में हो गया था तथा उनको सीवान का भी अतिरिक्त प्रभार मिला था. उनके बदले नेसार अहमद की पदस्थापना सारण जिले में डीसीओ के रूप में हुई थी. शुक्रवार को नये डीसीओ नेसार अहमद प्रभार लेने के लिए भी आये हुए थे.
कर्मचारियों की माने तो जिला के एक वरीय के आदेश पर ही उन्होंने तत्काल प्रभार नहीं दिया. वरीय पदाधिकारी ने शर्मा को तीन चार दिनों तक जिले में ही रहकर तत्काल सीएमआर से संबंधित मामलों को निष्पादित करने का निर्देश दिया था. जिससे जिले में सीएमआर की प्रगति बेहतर हो सके. शुक्रवार को डीसीओ शर्मा नये डीसीओ अहमद को प्रभार दे दिये होते, तो शायद निगरानी की गिरफ्त में आने से बच जाते. आसपास के कार्यालयों के कर्मी भी नगर पुलिस के साथ सात-आठ की संख्या में आये निगरानी पुलिस के कार्यशैली को लेकर चर्चा करते सुने गये.
सा रण के स्थानांतरित जिला सहकारिता पदाधिकारी राकेश शर्मा की शनिवार को दोपहर बाद निगरानी पुलिस के गिरफ्त में आने की परिस्थितियों को लेकर समाहरणालय परिसर में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों, सहकारिता से जुड़े आम लोगों तथा समाहरणालय कर्मियों में अलग-अलग चर्चाएं रही. कार्यालय के कर्मियों की माने तो निगरानी की टीम ने डीसीओ कार्यालय में जाकर डीसीओ शर्मा को रिश्वत के रूपये लेने के आरोप में गिरफ्तार किया. उस दौरान वे जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों के साथ सीएमआर तथा अन्य विभागीय कार्यों को लेकर बैठक कर रहे थे.
निगरानी पुलिस ने जहां शर्मा को रिश्वत के रूपये लेने के आरोप में गिरफ्तारी की बात कही है. वहीं डीसीओ कार्यालय के कर्मियों की माने तो निगरानी की टीम ने बैठक के दौरान गिरफ्तार किया. उनकी माने तो इस दौरान कोई भी व्यक्ति रिश्वत भी लेना हो, तो दर्जन भर पदाधिकारियों के सामने किसी भी पैक्स अध्यक्ष या अन्य व्यक्ति से रिश्वत स्वीकार नहीं कर सकता. हालांकि निगरानी की छापेमारी के बाद समाहरणालय परिसर के कई कार्यालयों में अफरातफरी व भय का माहौल देखा गया.
शुक्रवार को नहीं दिया प्रभार : जिला सहकारिता पदाधिकारी राकेश शर्मा का तबादला गोपालगंज जिला सहकारिता पदाधिकारी के रूप में हो गया था तथा उनको सीवान का भी अतिरिक्त प्रभार मिला था. उनके बदले नेसार अहमद की पदस्थापना सारण जिले में डीसीओ के रूप में हुई थी. शुक्रवार को नये डीसीओ नेसार अहमद प्रभार लेने के लिए भी आये हुए थे. कर्मचारियों की माने तो जिला के एक वरीय के आदेश पर ही उन्होंने तत्काल प्रभार नहीं दिया. वरीय पदाधिकारी ने शर्मा को तीन चार दिनों तक जिले में ही रहकर तत्काल सीएमआर से संबंधित मामलों को निष्पादित करने का निर्देश दिया था.
जिससे जिले में सीएमआर की प्रगति बेहतर हो सके. शुक्रवार को डीसीओ शर्मा नये डीसीओ अहमद को प्रभार दे दिये होते, तो शायद निगरानी की गिरफ्त में आने से बच जाते. आसपास के कार्यालयों के कर्मी भी नगर पुलिस के साथ सात-आठ की संख्या में आये निगरानी पुलिस के कार्यशैली को लेकर चर्चा करते सुने गये.
गिरफ्तार डीसीओ का तबादला इसी सप्ताह हुआ था गोपालगंज के लिए, सीवान की भी मिली थी अतिरिक्त जिम्मेवारी
छापेमारी के दौरान अपने कार्यालय में प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे डीसीओ
पहले भी कई पदाधिकारी आ चुके हैं निगरानी की चपेट में
सारण जिले में पूर्व में भी दर्जन भर पदाधिकारी व कर्मचारी निगरानी की चपेट में आ चुके हैं. गत वर्ष निगरानी की जांच के दौरान निगरानी की चपेट में आने वालों में सारण के डीडीसी एमएन तिवारी, जिला कोषागार कार्यालय के दो कर्मी, छपरा सदर प्रखंड के कर्मी, स्वास्थ्य विभाग के कर्मी, पुलिस विभाग के इसुआपुर, जनता बाजार, डोरीगंज आदि थानों के पुलिस पदाधिकारी, कृषि विभाग के कर्मी व पदाधिकारी शामिल हैं. शनिवार को भी निगरानी की छापामारी में डीसीओ की गिरफ्त में आने के बाद विभिन्न कार्यालयों में जहां चर्चाएं रही.

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