छपरा(सारण) : लाल बालू के अवैध खनन मामले में निगरानी ने नये सिरे से जांच शुरू कर दी है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी पारस नाथ सिंह इसके नये अनुसंधानकर्ता बनाये गये हैं.
अवैध बालू खनन और अवैध ढुलाई मामले में तत्कालीन डीएम दीपक आनंद के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने डोरीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दस माह पहले दर्ज इस कांड की जांच जिला पुलिस कर रही थी. अचानक निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने डोरीगंज थाने में दर्ज कांड संख्या 131/2016 के जांच का जिम्मा लेने की अधिसूचना जारी कर दी और गुरुवार देर शाम निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी पारस नाथ सिंह ने कांड का प्रभार ग्रहण किया.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी ने कांड का प्रभार ग्रहण करने के साथ ही इस मामले की नये सिरे से जांच शुरू कर दी. उन्होंने शुक्रवार को डोरीगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष तथा जिला परिवहन पदाधिकारी से मामले की जानकारी ली. इस मामले में 19 ट्रकों के खिलाफ बालू का अवैध खनन और अवैध ढुलाई की प्राथमिकी दर्ज है, जिसमें से 15 ट्रक मालिकों ने न्यायालय से जमानत ले लिया है और चार ट्रक मालिकों के नाम, पता का सत्यापन कराये जाने की प्रक्रिया चल रही है.
निगरानी की जांच में यह बात सामने आयी है कि जिला परिवहन पदाधिकारी ने ट्रक को जब्त कर नहीं दिया था और केवल ट्रक नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके कारण इस कांड के अनुसंधान में काफी समय लगा. चार ट्रक मालिकों के नाम पता का सत्यापन कराया जा रहा है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी ने डोरीगंज थाने में भी जाकर इस मामले विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटायी.
दस माह के अंदर जिला पुलिस ने डोरीगंज थाना कांड संख्या 131/2016 में अब तक की गयी सभी कार्रवाई से संबंधित सभी कागजात निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के डीएसपी को सौंप दी है, जिसमें प्राथमिकी, कांड दैनिकी, ट्रक मालिकों को न्यायालय से मिली जमानत के आदेश तथा ट्रकों को रिलीज करने के आर्डर, ट्रक मालिकों को चिह्नित करने के लिए परिवहन विभाग को लिखे गये पत्र, एसपी तथा डीएसपी का पर्यवेक्षण रिपोर्ट, नगर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक रवि कुमार को अनुसंधानकर्ता बनाये जाने के आदेश समेत सभी कागजात शामिल हैं.
