बनियापुर. कुछ समय पूर्व से तीनों भाइयों के बीच बंटवारे को ले जमीन विवाद चल रहा था. जिसको लेकर दोनों छोटे भाइयों एवं उनके परिजन आये दिन बड़े भाई से गाली गलौज एवं मारपीट का प्रयास करते थे.
मगर बड़े भाई प्रतिकार की जगह विवाद को सुलझाने के लिए लगातार पंचों के यहां दौड़ लगाता रहा एवं विवाद को पंचायती स्तर पर सुलझाने के लिए प्रयासरत था. मृतक के परिजनों के अनुसार तीनों भाइयों के बीच आपसी सहमति से पंचों की उपस्थिति में विवाद सुलझाने के लिए सोमवार का दिन निर्धारित था एवं मृतक स्थानीय पंचो के पास पंचायती की बाबत ही जानकारी देने एवं पंचायती के दैरान उपस्थित रहने का अनुरोध करने गया था. जहां से लौटते समय कलियुगी भाइयों ने पकड़ घटना को अंजाम दिया.
भाइयों को पंचायत लग रही थी नागवार
हत्यारे दोनों छोटे भाई एकजुट हो बड़े भाई की जमीन के एक टुकड़े पर कब्जा जमा लिया था. छोटे भाइयों को लगता था कि अगर पंचायती की प्रक्रिया सही सलामत पूरी हो जाती है, तो उन्हें जबरन कब्जे वाली जमीन छोड़नी पड़ेगी. इसी को ध्यान में रख दोनों छोटे भाइयों ने घटना को अंजाम दिया.
इधर बड़ा भाई विवाद को पंचायती के माध्यम से सुलझाने की बेचैनी में थे, तो दोनो छोटे भाई घटना को अंजाम देने की योजना बनाने में लगे थे. दोनों हत्यारे भाइयों ने जिस ढंग से घटना को अंजाम दिया, उससे प्रतीत होता था कि पूरी घटना पूर्व से योजनाबद्ध थी. मृतक को पांच पुत्र है, जो रोजी रोजगार की तलाश में अन्य प्रदेश में रहते है. जिन्हें घटना की सूचना दे दी गयी है और उनके आने का इंतजार हो रहा है. मृतक के घर पर फिलवक्त मृतक की पत्नी रेशमा देवी एवं पुत्रवधू सुशीला देवी है. जिनका रो-रो कर बुरा हाल है एवं घटना से वे हतप्रभ हैं.
भाइयो में इंद्रासन ही सबसे बड़ा था
थानाध्यक्ष ज्वाला सिंह ने बताया है कि प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर किसी प्रकार का जख्म नहीं है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना के सही कारणों का पता चल पायेगा. मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. इस घटना को लेकर परिजनों को भी सहजता से भरोसा नहीं हो रहा था कि कुछ ही देर में वापस लौटने की बात कह कर जाने वाला व्यक्ति अब इस दुनिया में नहीं रहा. तीन भाइयो में मृतक ही सबसे बड़ा था एवं पूर्व में उसी के कंधे पर पूरे परिवार की परवरिश की जिम्मेवारी थी.
