300 मकान व दुकानों का होगा अधिग्रहण

शराब कारोबारियों पर कार्रवाई छपरा (सारण) : जिले के करीब 300 शराब कारोबारियों के मकान, दुकान व गोदाम का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव समर्पित कर दिया गया है और इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. जिले के सभी थानाध्यक्षों ने वैसे मकानों, दुकानों तथा गोदाम को अधिग्रहण करने का प्रस्ताव समर्पित किया है, जिसमें […]

शराब कारोबारियों पर कार्रवाई

छपरा (सारण) : जिले के करीब 300 शराब कारोबारियों के मकान, दुकान व गोदाम का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव समर्पित कर दिया गया है और इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. जिले के सभी थानाध्यक्षों ने वैसे मकानों, दुकानों तथा गोदाम को अधिग्रहण करने का प्रस्ताव समर्पित किया है, जिसमें शराब का कारोबार होता था और वहां से छापेमारी के दौरान पुलिस ने शराब बरामद की थी. शराब का कारोबार करने के लिए प्रयोग किये गये मकान, दुकान तथा गोदाम को सील करने की कार्रवाई पहले ही पूरा कर ली गयी थी और 20 जून तक सभी थानाध्यक्षों को अधिग्रहण करने का प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया गया था.
सरकार के आदेश के आलोक में यह पहला मौका है जब एक साथ लगभग तीन सौ दुकान, मकान तथा गोदाम को अधिग्रहण करने की कार्रवाई शुरू की गयी है. शराबबंदी कानून लागू होने के बाद शराब का कारोबार करने वालों के लिए सबसे कठोर कदम उठाया गया है, जिससे शराब कारोबारियों के होश उड़ गये हैं और शराब का कारोबार करने के लिए मकान, दुकान तथा गोदाम किराये पर देने वालों की कमर ही टूट गयी है. पहली बार मकान, दुकान तथा गोदाम अधिग्रहण से सरकार को करोड़ों रुपये की जायदाद हाथ लगेगी.
बैंक खाते भी होंगे सील : शराब का कारोबार करने वाले गिरफ्तार कारोबारियों के बैंक खाते को भी सीज किये जायेंगे और उनसे राशि की निकासी करने पर रोक लगा दी जायेगी. खाते में जमा राशि को सरकारी खजाने में जमा कराया जायेगा. सरकार के निर्देश के आलोक में शराब कारोबारियों के बैंक खाते का पता लगाया जा रहा है और उसे सीज करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है. खासकर वैसे बैंक खाते सीज किये जायेंगे, जो शराब कारोबारियों के नाम से बैंकों में खोले गये हैं
और शराबबंदी कानून लागू होने के बाद उस खाते में राशि जमा की गयी है.
गुंडा पंजी में दर्ज होगा नाम : वैसे शराब कारोबारियों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज किये जायेंगे, जो पिछले पांच वर्षों से अवैध शराब का कारोबार करते आ रहे हैं और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा है. साथ ही शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी शराब बनाने तथा बेचने के धंधे में सक्रिय हैं. पिछले पांच वर्षों के दौरान अवैध शराब का कारोबार करने का मामला जिनके खिलाफ दर्ज है, लेकिन पुलिस की गिरफ्तारी से बचते आये हैं, उनका नाम भी गुंडा पंजी में अंकित किया जायेगा.
सभी थानाध्यक्षों ने अधिग्रहण करने का प्रस्ताव समर्पित किया
सरकार को भेजा जायेगा प्रस्ताव
300 प्रस्ताव आये हैं
शराब कारोबारियों के मकान, दुकान तथा गोदाम का अधिग्रहण करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है और लगभग 300 प्रस्ताव थानाध्यक्षों ने समर्पित कर दिया है. इसे जिलाधिकारी के माध्यम सरकार को भेजा जा रहा है, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके.
अनसूईया रणसिंह साहू, एसपी, सारण

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