छपरा (सारण) : बिना प्रभार सौंपे विरमित हो चुके पुलिस पदाधिकारियों पर गाज गीरेगी. उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी. इसकी तैयारी पुलिस प्रशासन ने शुरू कर दिया है.
वर्ष 2006 से लेकर 2017 तक अंतर जिला और अंतर जोनल स्तर पर स्थानांतरित करीब 70 वैसे पुलिस पदाधिकारी हैं जिन्होंने पूर्ण प्रभार अब तक नहीं सौंपा है और कई बार रिमाइंडर पत्र भेजने के बावजूद पूर्ण प्रभार देने के लिए नहीं आ रहे हैं. वैसे सभी पुलिस पदाधिकारियों को चिंहित किया जा रहा है जिनके पास कांडों का तथा माल खाना का प्रभार लंबित है. कई वैसे पुलिस पदाधिकारी भी हैं जो स्थानांतरित होकर दूसरे जोन में चले गये हैं लेकिन थानाध्यक्ष के सरकारी आवास को खाली नहीं किया गया है.
कांडों का प्रभार लंबित रहने के मुकदमे के निष्पादन नहीं हो रहा है और इसको लेकर वरीय पुलिस पदाधिकारियों की परेशानी बढ़ रही है. वर्तमान थानाध्यक्षों को भी अनावश्यक रूप से कांड लंबित रहने के कारण डांट फटकार सुनने को विवश होना पड़ रहा है. सरकारी आवास को खाली नहीं किये जाने से पुलिस पदाधिकारियों को थाना से बाहर किराये के मकान में रहना पड़ रहा है. माल खाना का पूर्ण प्रभार नहीं सौंपने के कारण जब्त सामानों को कोर्ट आदेश के बाद रिलीज करने में बाधा उत्पन्न हो रही है.
इतनी ही नहीं कोर्ट के आदेशों का अनुपालन बाधित हो रहा है जिससे कोर्ट की फटकार सुनने को विवश होना पड़ रहा है. माल खाना का प्रभार लंबित रहने के कारण जब्त सामानों का मिलान करना भी मुश्किल हो रहा है. विभिन्न कांडो में जब्त सामानों को न्यायालय में पेश करने में अड़चने आ रही है.
पुलिस अधीक्षक अनुसुइया रणसिंह साहू ने पूर्ण प्रभार अब तक नहीं देने वाले पुलिस पदाधिकारियों को चिंहित करने का निर्देश दिया है औरकहा है कि वैसे सभी पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी जो आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं. कार्रवाई के लिए संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक तथा वरीय अधिकारियों को भी लिखा जायेगा.
