चार घंटे तक कराहता रहा नागेंद्र, मौत

दुखद. दाउदपुर के समीप ट्रेन से गिरा युवक छपरा(सारण) : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा- सीवान रेल खंड पर दाउदपुर स्टेशन के नजदीक ट्रेन से गिर घायल यात्री चार घंटे तक कराहता रहा, लेकिन रेलकर्मी उसे अस्पताल में भरती कराने के लिए नहीं ले गये. इतना ही नहीं दाउदपुर स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने घायल […]

दुखद. दाउदपुर के समीप ट्रेन से गिरा युवक

छपरा(सारण) : पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा- सीवान रेल खंड पर दाउदपुर स्टेशन के नजदीक ट्रेन से गिर घायल यात्री चार घंटे तक कराहता रहा, लेकिन रेलकर्मी उसे अस्पताल में भरती कराने के लिए नहीं ले गये. इतना ही नहीं दाउदपुर स्टेशन पर तैनात आरपीएफ जवानों ने घायल यात्री को उठाकर अस्पताल ले जाने से स्थानीय लोगों को भी रोक दिया. थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार पहुंचे तब घायल यात्री को निजी चिकित्सालय में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया.
सदर अस्पताल आते घायल यात्री ने दम तोड़ दिया. लोगों ने बताया कि डाउन ग्वालियर मेल ट्रेन से एक यात्री गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया . यह घटना छपरा- सीवान रेलखण्ड पर दाउदपुर स्टेशन से पूरब सोनिया गांव के पास स्थित रेलवे क्रॉसिंग (संख्या 60 /59 ) के पास घटी . सूचना पा कर घटना स्थल पर आरपीएफ के दो जवान पहुंचे, लेकिन उपचार के लिए अस्पताल नहीं ले गये. घायल को तड़पते हालत में देख स्थानीय ग्रामीणों ने उठाने का प्रयास किया तो,
आरपीएफ के जवान डरा धमका कर उठाने नहीं दिया. सूचना पर थानाध्यक्ष अमरजीत कुमार घटना स्थल पर पहुंचे, तब आरपीएफ के जवानों को कड़ी फटकार लगाते हुए घायल को चार घंटे बाद दाउदपुर निजी क्लिनिक में भरती कराया.
प्राथमिक उपचार के बाद घायल को छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया. घायल को आरपीएफ के जवान दाउदपुर स्टेशन पर ले जाकर छोड़ दिये. जवान बिना मेमो लिए स्टेशन से घायल को ले जाने में असमर्थता जतायी. मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के चकिया वार्ड नंबर 12 के विश्वनाथ शर्मा के 45 वर्षीय पुत्र नागेंद्र शर्मा के रूप में हुई है. राजकीय रेल थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि यात्री की ट्रेन से गिर कर घायल होने की सूचना उन्हें 10:40 बजे स्टेशन मास्टर ने दी. जबकि यात्री सुबह साढ़े पांच बजे ही ट्रेन से गिर कर घायल हुआ था.
वह डाउन ग्वालियर मेल ट्रेन से जम्मू कश्मीर के डोडा से घर लौट रहा था. ट्रेन से गिरकर यात्री के घायल होने की सूचना ग्रामीणों ने स्टेशन मास्टर को दी. स्टेशन मास्टर आरपीएफ जवानों को घटना स्थल पर भेजा. जवान घटनास्थल पर पहुंचकर घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय पहरा देने लगे. ग्रामीणों ने इलाज के लिए दवाव बनाया तो, आरपीएफ के जवानों ने किसी की भी एक बात नहीं सुनी और 4 घंटे तक घायल को कराहते ट्रैक के किनारे देखते रहे. दाउदपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि आरपीएफ जवान ओसिहर सिंह ,पंकज कुमार को घायल के उपचार के लिए छपरा ले जाने को कहा गया तो , जवानों ने कहा कि मेरे इंचार्ज ने मना किया है और कहा कि घायल को अस्पताल भेजने का काम स्टेशन मास्टर का है. हम लोगों को स्टेशन पर ही डियूटी करने को कहा गया है. बाद में थानाध्यक्ष ने चौकीदार व ग्रामीणों के सहयोग से घायल को उपचार कराने के बाद दाउदपुर स्टेशन पर पहुंचाया. इसके बाद स्टेशन अधीक्षक ने अपने स्वीपर झरी लाल के साथ घायल को छपरा जंकशन भेजवाया. घायल के पॉकेट से मिले पते पर स्थानीय पुलिस ने परिजन को सूचित किया. इधर छपरा जंकशन पहुचने के बाद जब राजकीय रेलवे पुलिस घायल को लेकर सदर अस्पताल पहुंची तब तक घायल की मौत हो चुकी थी.

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