दुस्साहस. मुखियापति ने सुबह में दर्ज करायी शिकायत, रात में अपराधियों ने बोला धावा
अमनौर : रंगदारी नहीं देने पर अपहर पंचायत के मुखिया रेखा देवी के पति विजय मांझी को जान से मारने आये कुख्यात अपराधी को ग्रामीणों ने दबोच लिया. ग्रामीणों के सजगता तथा अपराधियों पर हल्ला बोलने के कारण मुखियापति व उसके भाई की जान बच गयी. बताया जाता है कि सोमवार की देर संध्या मुखिया रेखा देवी के पति विजय मांझी द्वारा रंगदारी नहीं देने पर दो बाइकों पर सवार चार हथियारबंद अपराधियों ने घर पर धावा बोल दिया. अपराधियों ने मुखियापति विजय मांझी को दबोचना चाहा,
तो वह हल्ला करते हुए भाग निकले. इसके बाद अपराधियों ने देशी राइफल के बट से मुखिया के देवर संजय मांझी को मार कर दाहिना हाथ तोड़ दिया. हो-हल्ला की आवाज सुन स्थानीय ग्रामीण पहुंच गये व अपराधियों पर टूट पड़े. एकाएक ग्रामीणों की भीड़ देख अपराधी भागने लगे. वहीं, एक अपराधी को ग्रामीणों ने दबोच लिया व जम कर धुनाई कर दी. पकड़े गये अपराधी के पास से एक देशी राइफल तथा एक बाइक भी बरामद की गयी.
इसकी सूचना ग्रामीणों ने अमनौर पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने उक्त अपराधी को कब्जे में लेकर इलाज के लिए अमनौर पीएचसी में भरती कराया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने सदर अस्पताल, छपरा रेफर कर दिया. इधर, सूचना मिलने के बाद मढौरा एएसपी अशोक कुमार सिंह अमनौर पीएचसी पहुंच मामले की तहकीकात में जुट गये. अमनौर पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया युवक कुख्यात अपराधी है. वह आधा दर्जन मामले में फरार चल रहा था. वह भेल्दी थाने के जलालपुर गांव का पंकज सिंह उर्फ मुरारी सिंह है. इधर, मुखियापति विजय मांझी ने बताया कि घटना के दो दिन पूर्व उक्त अपराधियों द्वारा मेरे मोबाइल पर फोन कर रंगदारी में पचास हजार रुपये की मांग की गयी थी, जिसमें उक्त राशि नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गयी थी. इसी को लेकर अमनौर थाने में सोमवार की सुबह एक लिखित शिकायत दर्ज करायी थी. इसके बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पायी. ग्रामीण अगर समय पर नहीं आते, तो मेरा पूरा परिवार मौत के आगोश में पहुंच जाता. मुखिया रेखा देवी ने बताया कि इस घटना के बाद मेरा पूरा परिवार दहशत में है. उन्होंने पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगायी.
