Samastipur News:समस्तीपुर : सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत लाटबेसपुरा में महाशक्ति सीएलएफ जीविका महिला संकुल संघ की एक बैठक हुई. इसमें पिरामल फाऊंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर सुबोध कुमार ने सीएलएफ के सभी सदस्यों को फाइलेरिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी. कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होता है. जिसका लक्षण दिखने में 5 से 15 साल लग जाते हैं. उस वक्त तक लोगों को पता नहीं चल पाता और खुद को स्वस्थ समझते हैं. फलेरिया से बचाव हेतु सरकार द्वारा 10 फरवरी से चलाये जाने वाले अभियान में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर दवा खिलाने का काम करते हैं. उस समय सभी लोगों को स्वास्थ्य कर्मी के समक्ष ही फाइलेरिया की दवा का सेवन करना चाहिए. उन्होंने सीएलएफ के सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि अपने-अपने क्षेत्र में संचालित वीओ की बैठक के माध्यम से सुनिश्चित करें कि सभी लोग दवा सेवन स्वयं और अपने परिवार जनों को स्वास्थ्य कर्मी के समक्ष कर स्वास्थ्य कर्मियों की मदद करें. साथ ही दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवा कर सरकार से मिलने वाली आरक्षण, पेंशन के साथ साथ सारी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं. उन्होंने कालाजार के लक्षण एवं बचाव पर भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि जिसको फाइलेरिया हो गया है वे लोग दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाकर इसका लाभ उठाएं. बैठक में अध्यक्ष अंजली देवी, सचिव वीणा देवी, कोषाध्यक्ष रामफूल कुमारी, लेखपाल पूनम कुमारी, सामुदायिक समन्वयक रिंकी कुमारी आदि मौजूद थी.
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