Samastipur News: पूसा : डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कृषि विज्ञान केंद्र बिरौली में पदस्थापित इं. विनीता कश्यप ने आत्मा समस्तीपुर के माध्यम से आयोजित कृषक गोष्ठी के दौरान जिले के प्रखंडों में जलवायु परिवर्तन की भीषण प्रकोप के दौरान जलवायु अनुकूल कृषि को अपने खेती में समाहित करने की दिशा में किसानों के खेत तक पहल कर रही है. इस परियोजना को किसानों के खेत में शत-प्रतिशत उतारने को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार दोनों ही कटिबद्ध है. परियोजना संचालित कर रहे संबंधित विभिन्न संस्थानों को भरपूर वित्तीय वर्ष के अनुसार राशि भी उपलब्ध करवा दी जा रही है. किसान के खेतों में इस परियोजना से मिलने वाले लाभ भी प्रत्यक्ष रूप से दिखाई भी दे रहा है. साथ ही किसानों को नसीहत देते हुए ईं बिनीता कश्यप ने कहा कि आलू में फंगीसाइड स्प्रे करने से फफूंद जनित रोगों से बचाव होता है. पौधों पर एक सुरक्षा परत बनती है. इससे फंगस का विकास रुकता है. फसल स्वस्थ रहता है. जिससे बेहतर उत्पादन और उच्च गुणवत्ता वाले आलू प्राप्त होते हैं. यह बीज उपचार से लेकर मिट्टी व पत्तियों के छिड़काव तक कई तरीकों से किया जा सकता है. रोगों के प्रकोप के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर दूसरा और तीसरा स्प्रे किया जा सकता है. खासकर जब ठंड या नमी ज्यादा हो. फंगीसाइड स्प्रे आलू की फसल को फंगल रोगों से बचाकर, उसकी गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है.
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