Samastipur News:समस्तीपुर : जिला शिक्षा विभाग का डीपीओ स्थापना संभाग अपने कार्यशैली को लेकर लगातार सुर्खियों में है. राज्य से दिये गये आदेश का भी स्थापना संभाग पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है. बीते दिनों अपर मुख्य सचिव ने वीसी के माध्यम से समीक्षा की तो डीपीओ स्थापना कार्यालय द्वारा जिले के शिक्षकों को वेतन संरक्षण के उपरांत बकाया राशि का भुगतान लंबित पाया गया था. जिस पर एसीएस ने आपत्ति व्यक्त करते हुए निदेशक प्रशासन को स्पष्टीकरण करने का आदेश दिया था. राज्य से निर्देश के बाद भी अभी तक जिला के अधिकांश शिक्षकों के बकाया राशि का भुगतान लंबित ही है. जबकि डीपीओ स्थापना कार्यालय ने राज्य निदेशालय को गलत प्रतिवेदन देकर स्पष्टीकरण की खानापूर्ति कर दिया है. लेकिन जिला में प्रारंभिक विद्यालय के विशिष्ट शिक्षकों की समस्या अभी भी लंबित ही है. शिक्षकों का कहना है कि जिला के विशिष्ट शिक्षकों के वाजिब राशि का भुगतान करने के बजाय कार्यालय अवैध नियुक्ति के शिक्षकों के भुगतान में ही लगा रहता है. जिला में निलंबित शिक्षकों को भी निलंबन अवधि में पूरे वेतन के साथ भुगतान किया जाता रहा है. ऐसे में डीपीओ स्थापना संभाग की जांच किया जाय तो वित्तीय अनियमितता की बहुत बड़ी बात सामने आ जायेगी. इधर, माध्यमिक संवर्ग में भी मुख्यालय स्थित विद्यालय स्तर के विद्यालयों में विशिष्ट शिक्षकों और विद्यालय अध्यापकों को 4 प्रतिशत की दर से ही एचआरए का भुगतान किया जा रहा है. जबकि ऐसे विद्यालय में शिक्षकों को 10 प्रतिशत एचआरए के साथ साथ परिवहन भत्ता का भी भुगतान किया जाना है. सूत्रों की माने तो मुख्यालय स्थित संघ के बड़े पदधारक एवम उनके चहेते शिक्षक सहित एक-दो विद्यालय में कुछेक विशिष्ट शिक्षक को विहित एचआरए का भुगतान किया जा रहा है. जबकि आम शिक्षक विभाग की ओर टकटकी लागये हुए हैं.शिक्षकों ने डीपीओ स्थापना कार्यालय के कार्यशैली पर प्रश्न खड़ा करते हुए निर्धारित एचआरए के साथ परिवहन भत्ता के साथ भुगतान की मांग की है.
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