मालगाड़ी से सामान आया है तो 7 दिन के अंदर उठाइए, रेलवे ने 42 स्टेशनों के लिए लागू किया नया नियम

रेलवे ने मालगाड़ियों से आने वाले सामान की समय पर निकासी के लिए बड़ा कदम उठाया है. पूर्व मध्य रेलवे के 42 स्टेशनों को 'अधिसूचित' घोषित किया गया है, जहाँ अब माल पहुँचने के 7 दिन के भीतर उठाना अनिवार्य होगा. ऐसा न करने पर रेलवे को माल नीलाम करने का अधिकार होगा.

समस्तीपुर: रेलवे ने मालगाड़ियों से आने वाले सामान की समय पर निकासी सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में आने वाले कुल 42 स्टेशनों को ‘अधिसूचित’ या खास स्टेशन घोषित किया गया है. रेलवे बोर्ड की 14 अगस्त 2026 की अधिसूचना के तहत यह व्यवस्था 25 अगस्त 2026 से लागू हो गयी है और फिलहाल छह महीने के लिए प्रभावी रहेगी.

यह कदम रेल अधिनियम 1989 की धारा 89 की उप-धारा 1 के तहत उठाया गया है. अधिनियम के अनुसार, जिन स्टेशनों पर विशेष रूप से मालगाड़ियों के माध्यम से सामान की ढुलाई होती है, वहां माल पहुंचने के बाद बिना अनावश्यक देरी के उसकी निकासी जरूरी है. इसका उद्देश्य स्टेशन परिसर को अनावश्यक रूप से माल से भरे रहने से रोकना है.

सात दिन में माल उठाना होगा जरूरी

अधिसूचित स्टेशनों पर माल पहुंचने यानी ट्रांजिट समाप्त होने के सात दिन के भीतर उसे उठाना जरूरी होगा. निर्धारित अवधि में माल की निकासी नहीं होने पर रेलवे को सार्वजनिक नीलामी करने का कानूनी अधिकार मिल जायेगा.

हालांकि, नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले हकदार व्यक्ति बकाया भाड़ा, विलंब शुल्क (डेमरेज) और अन्य खर्च का भुगतान कर अपना माल छुड़ा सकता है.

कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को बरतनी होगी सतर्कता

रेलवे का मुख्य लक्ष्य स्टेशन परिसरों को डंपिंग ग्राउंड बनने से रोकना और माल ढुलाई के रोटेशन को तेज करना है. समय पर माल की निकासी होने से ट्रैक और यार्ड की उपलब्धता बढ़ेगी तथा फ्रेट सेवाएं अधिक कुशल बनेंगी.

नई व्यवस्था के बाद स्टेशनों पर कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और औद्योगिक इकाइयों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी. अनाज, सीमेंट, उर्वरक जैसी सामग्री मंगाने वाले व्यापारियों को माल पहुंचते ही उसकी निकासी की व्यवस्था करनी होगी. निर्धारित समय में माल नहीं उठाने पर नीलामी का जोखिम रहेगा.

इन स्टेशनों पर लागू होगी व्यवस्था

पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में बापूधाम मोतिहारी, दरभंगा, दौरम मधेपुरा, जनकपुर रोड, कर्पूरीग्राम, खगड़िया, कुमारबाग, लहरियासराय, महवल, मुक्तापुर, नारायणपुर अनंत, पिपराडीह, रामगढ़वा, रक्सौल, सहरसा, सकरी, सीतामढ़ी, सराय, तारसराय के अलावा बक्सर, चकिया, दानापुर, फतुहा और पहलेजा घाट आदि स्टेशन शामिल हैं.

रेलवे के इस कदम से माल ढुलाई से जुड़े कारोबारियों को समय पर माल की निकासी के लिए अधिक जवाबदेह होना पड़ेगा. इससे फ्रेट बिजनेस में तेजी आने और रेलवे की माल ढुलाई क्षमता के बेहतर इस्तेमाल की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें

कोसी, बलान और करेह की तेज धारा से भीषण कटाव, ग्रामीणों में बढ़ा डर; विधायक ने अधिकारियों को दिया ये निर्देश

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aman gautam

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >