Samastipur News:सीबीएसई परीक्षा के लिए 11 केंद्रों का निर्धारण कर भेजा गया प्रस्ताव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा नकल विहीन और पारदर्शी तरीके से कराने की तैयारी में जुट गया है.

Samastipur News:समस्तीपुर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने परीक्षा नकल विहीन और पारदर्शी तरीके से कराने की तैयारी में जुट गया है. इसके मद्देनजर बोर्ड ने सीसीटीवी पॉलिसी बनाई है. यह पॉलिसी संचालित हो रहे सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगी. इसमें कहा गया है कि बोर्ड परीक्षा केंद्र के लिए स्कूलों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी इंस्टॉल करना अनिवार्य है. जिन स्कूलों में सीसीटीवी इंस्टाल नहीं होगा, बोर्ड की ओर से वहां परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जायेगा. सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 की तिथि और टाइम टेबल का एलान कर दिया है. दोनों परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होगी. एक और खास बात यह भी है कि इस शैक्षणिक सत्र में सीबीएसई दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा. जिसमें पहली वाली बोर्ड परीक्षा सभी के लिए अनिवार्य होगी. जिले से 11 केंद्र का प्रस्ताव बोर्ड को भेजा गया है. टेक्नो मिशन पब्लिक स्कूल के प्राचार्य एके लाल ने बताया कि बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब बोर्ड परीक्षा का मकसद यह नहीं होगा कि छात्र कितना याद कर सकता है, बल्कि यह देखा जाएगा कि वह किसी विषय को कितना समझता है और उसे व्यवहार में कैसे उतारता है. यह बदलाव सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन असल में यह आम छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या मायने रखता है, इसे सरल भाषा में समझना जरूरी है. अब तक बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी का एक तय रास्ता रहा है. किताब पढ़ो, जरूरी सवाल चिन्हित करो, उन्हें याद करो और परीक्षा में लिख दो. इस तरीके से नंबर तो आ जाते थे, लेकिन अक्सर छात्र आगे की पढ़ाई या जीवन में उस ज्ञान का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते थे. सीबीएसई ने साफ किया है कि 2026 से बोर्ड परीक्षा का प्रश्नपत्र तीन हिस्सों में बंटा होगा. आधा प्रश्नपत्र केस स्टडी, डेटा इंटरप्रिटेशन, ग्राफ, सिचुएशन और रियल लाइफ प्रॉब्लम्स पर आधारित होगा. दूसरा हिस्सा पारंपरिक और बहु विकल्पीय प्रश्नों का होगा. वही तीसरा हिस्सा लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न होंगे, लेकिन यहां भी केवल रटा हुआ जवाब पर्याप्त नहीं होगा.तर्क, समझ और विश्लेषण जरूरी होगा. इधर प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने स्कूलों को परीक्षकों की सूची जारी की है. परीक्षाएं एक जनवरी से 14 फरवरी तक कराई जानी है. छात्र प्रायोगिक परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर सकें इसके लिए छात्रों की रिवीजन कक्षाएं चल रही हैं. 12 वीं के छात्रों को शिक्षक अधिक से अधिक रिवीजन करा रहे हैं. वहीं फरवरी से ही बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन होना है, जिसके लिए शिक्षक छात्रों को गाइड कर रहे हैं. 21 जनवरी को जेईई परीक्षा होनी है, इसलिए जनवरी के पहले सप्ताह में विद्यालयों को प्रायोगिक परीक्षाएं होगी. सीबीएसई के शिक्षकों ने बताया कि विज्ञान में प्रायोगिक 30 अंक और थ्योरी के 70 अंक होते हैं.

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

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