समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
Samastipur News: समस्तीपुर में नीट (यूजी) 2025 परीक्षा संचालन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की जांच में आर.एस.बी. इंटर विद्यालय के विशिष्ट शिक्षक और तत्कालीन केंद्राधीक्षक मनोज कुमार झा पर लगे गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई है.
निजी कस्टडी में मिले परीक्षा दस्तावेज
जांच रिपोर्ट के अनुसार नीट जैसी संवेदनशील परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज विद्यालय कार्यालय में सुरक्षित रखने के बजाय तत्कालीन केंद्राधीक्षक मनोज कुमार झा ने अपने पास व्यक्तिगत रूप से रखे थे.
जब वर्तमान प्रभारी प्रधानाध्यापक से रिकॉर्ड मांगा गया तो उन्होंने अभिलेख उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी. बाद में जांच में सामने आया कि संबंधित दस्तावेज मनोज कुमार झा की निजी कस्टडी में थे.
बाहरी जिलों से बुलाए गए वीक्षक
जांच में यह भी पाया गया कि वैशाली, मधुबनी और दरभंगा समेत अन्य जिलों के शिक्षकों को वीक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था.
रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई और न ही कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया.
कमला कुमारी, शर्मिला कुमारी और अमरेंद्र कुमार अमर समेत कुछ नामों को लेकर ड्यूटी रजिस्टर और आधिकारिक रिकॉर्ड में भी विसंगतियां पाई गई हैं.
सुरक्षा मानकों पर भी उठे सवाल
जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि परीक्षा के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया.
बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के बाहरी शिक्षकों की नियुक्ति से परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
एक सप्ताह में मांगा गया स्पष्टीकरण
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कुमार सत्यम ने मनोज कुमार झा को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य आधारित जवाब देने का निर्देश दिया है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की पुष्टि हो चुकी है. तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और पूरे प्रकरण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
