समस्तीपुर : शहर के लोगों निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तरस रहे हैं. लेकिन, मेंटेनेंस दर मेंटेनेंस के बाद भी बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो सका. फ्यूज काॅल, ब्रेक डाउन, केबल में आग लगने व जलने, ट्रांसफाॅर्मर के बुश के निकट तार गलने के कारण प्रतिदिन बिजली दो से चार घंटे बिजली सप्लाई प्रभावित हो रही है. लेकिन, ई-पावर हाउस का लाइन नंबर एक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. ई-पावर हाउस से कुल चार लाइन निकाली गयी है. लाइन टू, थ्री व फोर से उपभोक्ताओं, सदर अस्पताल की बिजली, अधिकारी आवास को बिजली दी गयी है. लेकिन, ई-पावर हाउस का लाइन नम्बर एक मात्र एक ट्रांसफाॅर्मर के लिए निकाला गया है. बिजली कंपनी के एक अधिकारी सुव्यवस्थित ढंग से बिजली सप्लाई इससे प्राप्त कर रहे हैं. लाइन नंबर वन काफी हाई प्रोफाइल बन चुका है. शायद इसकी खबर बिजली कंपनी के वरीय अधिकारियों को भी नहीं है. इधर, लगुनियां पावर सब स्टेशन में आयी तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए एमआरटी की टीम पुरजोर कोशिश कर रहे हैं लेकिन, सफलता हाथ नहीं लग पा रही है. इससे जुड़े फीडर का फिलहाल लोड ई-पावर हाउस पर ही है. पिकआवर में इस लोड के कारण ई-पावर हाउस के उपकरण पर काफी दबाव है. तकनीकी खराबी भी कभी भी उत्पन्न हो सकती है. शहरी क्षेत्र में कब बिजली आयेगी और कब कटेगी, इसकी कोई समय-सारणी ही नहीं है. बिजली कटौती ने लोगों का जीना हराम कर दिया है. बावजूद इसके लिए बिजली कंपनी के उच्च अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. बिजली कंपनी के ठेकेदार द्वारा विद्युत केबल बिछाई गई है. गुणवत्ताहीन केबल होने के कारण बार-बार जल कर टूट जाती है. जिसकी वजह से आये दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. समय रहते विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सुधारा कार्य नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है. चोरी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से विद्युत पोल से तार हटाकर केबल डाली गई. जिसके बाद से ही आए दिन केबल गर्म होकर जलने के बाद गल रही है. जिसकी वजह से शहरी क्षेत्र के लोग परेशान हो रहे हैं. लेकिन गनीमत है कि अभी तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
