Samastipur News:मोहिउद्दीननगर : देश में समाजवाद के सिद्धांतों, कार्यक्रमों, उद्देश्यों एवं नीतिगत निर्णय में जननायक के विचारों की प्रमुखता दी जाती थी. एक संवेदनशील एवं सिद्धांतनिष्ट व्यक्ति के रूप में कर्पूरी ठाकुर समाज के उपेक्षित और तिरस्कृत लोगों को विशेष अवसर प्रदान कर उन्हें सामाजिक विकास की मुख्यधारा में लाने के बड़े ही हिमायती थे. निष्काम कर्मयोगी के रूप में वे वाकई में अभिवंचितों की आवाज थे. यह बातें मदुदाबाद में शनिवार को भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए रालोपो प्रदेश सचिव अध्यक्षता नंद कुमार सिंह कुशवाहा ने कही. संचालन अखिलेश्वर प्रसाद राय ने किया. वक्ताओं ने कहा कि पिछले वर्गों के उत्थान के लिए जननायक की अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक राजनीतिक ताने-बाने पर एक अमिट छाप छोड़ी है. कर्पूरी फार्मूला सामाजिक सद्भाव कायम करने वाला संतुलित फार्मूला रहा है. जिसमें समाज के सभी वर्गों को हिस्सेदारी मिली हुई थी. जननायक का सरल जीवन शैली और विनम्र स्वभाव के चलते आम लोगों से गहराई से जुड़े रहे. उनकी सादगी आज भी मिसाल है. वे सामाजिक न्याय के प्रणेता थे. जयंती समारोह मोहनपुर प्रखंड के जलालपुर में भी मनाई गई. इस मौके पर जितेंद्र ठाकुर, राज किशोर ठाकुर, जयप्रकाश ठाकुर, सुनील ठाकुर, लक्ष्मी ठाकुर, देवेंद्र प्रसाद राय, शिक्षक अखिलेश चौधरी, डॉ. घनश्याम प्रसाद सिंह, अनिल कुमार, राम उदगार महतो, विजय ठाकुर, कपिल सहनी, अमरजीत कुमार सिंह, राम प्रवेश सिंह मौजूद थे.
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