कबीर से प्रेमचंद तक के योगदान पर हुई चर्चा, हिंदी दिवस पर समस्तीपुर कॉलेज में सजी विचारों की महफिल

समस्तीपुर कॉलेज के हिंदी विभाग ने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 'हिंदी: भारतीय संस्कृति और अस्मिता की पहचान' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में हिंदी के महत्व और भारतीय संस्कृति में इसके योगदान पर गहन चर्चा हुई.

समस्तीपुर: समस्तीपुर कॉलेज के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग के तत्वावधान में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इसका मुख्य विषय ‘हिंदी: भारतीय संस्कृति और अस्मिता की पहचान’ निर्धारित किया गया था. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने की, जबकि संयोजन की जिम्मेदारी हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी ने संभाली.

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के साथ किया गया.

हिंदी संस्कृति और अस्मिता की सच्ची पहचान

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रधानाचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार शशि ने कहा कि हिंदी मात्र विचार-विनिमय का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और अस्मिता की सच्ची पहचान है. वैश्विक फलक पर भारतीय मनीषियों और साहित्यकारों के विचारों को हिंदी ने ही सहेजा है. इसी वजह से दुनिया भर में हिंदी को चाहने वालों का दायरा लगातार बढ़ रहा है.

हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा, संपर्क भाषा और राजभाषा होने के साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है. संविधान के भाग 17 के अनुच्छेद 343 से 351 तक हिंदी से संबंधित प्रावधान शामिल हैं. उन्होंने कबीर, सूर, तुलसी, मीरा, प्रेमचंद और निराला जैसे साहित्यकारों के योगदान को अतुलनीय बताया.

छात्र-छात्राओं की विचार प्रतियोगिता में राकेश कुमार प्रथम

डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि अपनी भाषा बोलने में हमें हीनता के बजाय गौरव का अनुभव होना चाहिए. इस अवसर पर डॉ. राहुल मनहर, डॉ. रीता चौहान, डॉ. शिवानंद पटेल, योगेन्द्र राय, शशिशेखर प्रसाद यादव और नथुनी यादव ने भी अपने विचार रखे.

संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं के लिए विचार प्रतियोगिता आयोजित की गयी. इसमें राकेश कुमार ने प्रथम, पुष्पम कुमारी ने द्वितीय तथा अनुराधा कुमारी एवं छोटी खातून ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया. प्रधानाचार्य ने सभी विजेताओं को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया.

कार्यक्रम का मंच संचालन राम कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन रौशन कुमार ने किया. इस दौरान कुंज बिहारी, निशा, आरती, मुस्कान, रामकिशोर, रोमित, प्रीति, नीतू, जुली, ज्योति, नीलम, आंचल, प्रहलाद, अन्नु, संगम और सुमित सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.

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By Prakash kumar

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