Samastipur News: मोरवा : प्रखंड क्षेत्र में आमसभा और ग्रामसभा पूरी तरह मखौल बनता नजर आ रहा है. बैठक के नाम पर सिर्फ खानापूरी होती है. लोगों के न आने का जनप्रतिनिधियों को कोई मलाल नहीं होता है. लोग आये अथवा न आयें बैठक तो होगी ही भले ही कागज पर ही क्यों ना हो खानापूरी लगातार की जा रही है. बताया जाता है कि पंचायत के विकास को लेकर आमसभा और ग्रामसभा का आयोजन करने का प्रावधान है. इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों से लेकर आम जनता तक प्रचार-प्रसार के माध्यम से करना है. लेकिन जनप्रतिनिधियों के द्वारा गुपचुप तरीके से कुछ चुनिंदा लोगों से दस्तखत कर बैठक का कोरम पूरा करने से आमसभा और ग्रामसभा की जानकारी लोगों को नहीं हो रही है. इस सब मामले की कलई उसे समय खुल गई जब शनिवार को पंचायत में जीपीडीपी के लिए ग्रामसभा का आयोजन होना था. बताया जाता है कि विभागीय निर्देशानुसार इसकी प्रचार- प्रसार को लेकर माइकिंग करानी थी. लेकिन जनप्रतिनिधियों ने इसका ध्यान नहीं रखा. इस बाबत विभिन्न पंचायत के लोगों के द्वारा बताया गया कि किसी पंचायत में जीपीडीपी की बैठक में मुखिया नदारद थे तो कहीं उनके प्रतिनिधि द्वारा बैठक चुनिंदा लोगों के साथ संपन्न कराया गया. आम लोगों को इसकी जानकारी भी नहीं होगी. बगैर प्रचार-प्रसार के ही एक बार फिर जीपीडीपी के लिए बैठक की प्रक्रिया पूरी की गई. इस आशय की जानकारी लोगों के द्वारा प्रखंड प्रमुख सान्या नेहा को दी गई. प्रमुख के द्वारा इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा गया कि आमसभा के जरिए ही पंचायत के योजनाओं की जानकारी लोगों को दी जाती है. जब बैठक में आम लोग ही मौजूद नहीं रहेंगे तो इसकी जानकारी कैसे लोगों को होगी. पंचायत के नाम पर किस योजना का क्रियान्वयन हो रहा है. इससे लोग वंचित रह जायेंगे. इस गंभीर मामले को लेकर उनके द्वारा जिलाधिकारी को पत्र लिखा जायेगा. इस बाबत प्रखंड विकास पदाधिकारी अरुण कुमार निराला ने बताया कि ग्रामसभा और आमसभा में लोगों की सहभागिता जरूरी है. ऐसा नहीं करने वाले जनप्रतिनिधियों की उदासीनता ठीक नहीं है. उन्हें ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए.
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