26 साल से उलझे दिल्ली के चर्चित हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, बिहार से दबोचा गया फरार आरोपी

Bihar: दिल्ली के मुखर्जी नगर में साल 2000 में हुए महिला हत्या और लूटकांड का 26 साल बाद बड़ा खुलासा हुआ है. लंबे समय से फरार घोषित अपराधी नरेश मुखिया को बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया गया. तकनीकी निगरानी और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली.

Bihar: दिल्ली के मुखर्जी नगर इलाके में करीब 26 साल पहले हुए सनसनीखेज महिला हत्या और लूटकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी नरेश मुखिया उर्फ नागेश्वर मुखिया को बिहार के समस्तीपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है. इस गिरफ्तारी के साथ ही साल 2000 के इस चर्चित केस में बड़ा मोड़ आ गया है.

घर में काम करते हुए मिली थी लाखों की जानकारी

पुलिस जांच के मुताबिक नरेश मुखिया उस समय दिल्ली के एक मकान में काम करता था. उसी बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर आशा छाबड़ा नाम की महिला रहती थीं. आरोपी को जानकारी मिली थी कि महिला ने अपना घर बेचकर करीब 35 से 40 लाख रुपये नकद घर में रखे हैं. इसी लालच में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बड़ी लूट की साजिश रची.

शोर मचाने पर महिला की कर दी थी हत्या

जनवरी 2000 में आरोपी अपने साथियों के साथ घर पहुंचा. दरवाजा खुला देखकर वह अंदर घुस गया और अलमारी खंगालने लगा. तभी महिला वहां पहुंच गईं और विरोध करने लगीं. पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने महिला को दबोच लिया और फोन के तार से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी करीब 8 लाख रुपये नकद और कीमती सामान लेकर फरार हो गए.

सालों तक शहर बदलता रहा आरोपी

हत्या और लूट के बाद आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाना बदलता रहा. कभी वह सिलिगुड़ी में छिपा, फिर कोलकाता गया, उसके बाद अहमदाबाद में रहा और आखिर में बिहार के समस्तीपुर जिले में लौट आया. अदालत ने उसे पहले ही घोषित अपराधी घोषित कर दिया था, लेकिन वह पुलिस की पकड़ से बाहर था.

टेक्निकल सर्विलांस से पुलिस को मिली सफलता

हाल ही में इंस्पेक्टर पुखराज सिंह की अगुवाई में दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने केस को फिर से खोला. एएसआई प्रदीप और हेड कांस्टेबल नरेंद्र से मिली जानकारी के बाद तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय सूचना के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई. 2 मई 2026 को संयुक्त टीम ने समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र के ममूरपुर गांव में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया.

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गांव में किराना दुकान चलाकर छिपा था आरोपी

गिरफ्तारी के समय नरेश मुखिया साधारण जिंदगी जी रहा था. पहले वह मजदूरी करता था और बाद में गांव में छोटी किराना दुकान चलाने लगा. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वह शराब का आदी था और वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था. अब पुलिस उससे पुराने केस और उसके साथियों को लेकर आगे पूछताछ कर रही है.

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लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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