Danger of flood borne diseases: बाढ़ का पानी उतरते ही जलजनित बीमारियों की बढ़ी आशंका

Danger of flood borne diseases

Danger of flood borne diseases: मोहिउद्दीननगर : प्रखंड के बाढ़ प्रभावित गांवों में गंगा व वाया नदी का जलस्तर घटने लगा है. वहीं, गांव के खेत-खलिहानों और आसपास के इलाकों बाढ़ का पानी फंसा है. कई दिनों से पानी जमा रहने से व पानी के सड़ने से बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ गई है. सर्दी, खांसी, बुखार व फफूंद जनित बीमारी के लोग शिकार बन रहे हैं. हालांकि मेडिकल टीम क्षेत्र में सक्रियता से कार्य कर रही है. इसे लेकर प्रखंड मुख्यालय में बुधवार को प्रखंड आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों की बैठक हुई. जिसकी अध्यक्षता प्रमुख जवाहरलाल राय ने की. संचालन बीडीओ नवकंज कुमार ने किया.इस दौरान सदस्यों ने बताया कि गांवों में पीने का पानी साफ रखने के लिए बाढ़ पीड़ितों के बीच हैलोजन टेबलेट, ओआरएस का पाउडर व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किये जाने की आवश्यकता है. पशु शिविर में रह रहे पशुओं के लिए समुचित चिकित्सीय प्रबंधन की जरूरत है. इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव के लिए रूपरेखा तय की गई. इस मौके पर सीओ ब्रजेश कुमार द्विवेदी, बीपीआरओ अभिषेक कुमार, एमओ सोनू कुमार, पीओ मनोज कुमार, मुखिया सुरेंद्र राय, विपिन शर्मा, अनिल पासवान, हेल्थ मैनेजर फजले रब, बीसीएम राहुल सत्यार्थी, मनोज कुमार सिंह, अमरनाथ राय, पप्पू सिंह, हिमांशु कुमार सिंह, रवींद्र सहनी मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar News Desk

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