Samastipur News: कांच ही बांस के बहंगिया... फिर गूंज रहे छठ गीत

जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ की तैयारी चल रही है. लोक आस्था के इस महापर्व को लेकर व्रतियों में उत्साह है.

समस्तीपुर : जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोक आस्था का महापर्व चैती छठ की तैयारी चल रही है. लोक आस्था के इस महापर्व को लेकर व्रतियों में उत्साह है. जिनके घरों में छठ व्रत का अनुष्ठान होना है, उनके घरों में साफ-सफाई का कार्य पूरा हो चुका है. श्रद्धालु नदी, तालाब, पोखर के बजाय अपने घरों पर ही कृत्रिम घाट का निर्माण कर रहे हैं. मंगलवार को नहाय-खाय के साथ ही लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व शुरू होगा. कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए… मारवो रे सुगवा धनुख से… जैसी छठी मैया की गीतों से फिजा फिर से गुंजायमान है. पर्व को लेकर घरों में छठी मइया के गीत गाए जा रहे हैं. घरों में गाए जा रहे धार्मिक गीतों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है. वहीं सोमवार को स्थानीय बाजार भी गुलजार दिखा.

चैती छठ का चार दिवसीय महाव्रत आज से

छठ व्रतियों ने बताया कि सूर्य उपासना का महापर्व छठ वर्ष में दो बार मनाये जाते हैं. कार्तिक महीने में शारदीय छठ व्रत जब की चैत्र महीने में बासंतिक छठ व्रत मनाने की परंपरा रही है. इस वर्ष छठ व्रत की शुरुआत 01 अप्रैल दिन मंगलवार को नहाय-खाय की रस्म के साथ शुरू होने जा रही है. 02 अप्रैल दिन बुधवार को लोहंडा जबकि तीन अप्रैल दिन गुरुवार को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ दिया जायेगा. इसी प्रकार चार अप्रैल यानी शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ देकर व्रत का पारण किया जायेगा.

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Author: PREM KUMAR

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