नगर परिषद चुनाव. सामाजिक कार्यों से नहीं कराया जा रहा भावी प्रत्याशी का परिचय
समस्तीपुर : नगर परिषद के पार्षद पद के लिये नामांकन का कार्य बुधवार से प्रारंभ होगा. सरकारी प्रक्रिया अपनी जगह पर है. वार्ड में इस प्रक्रिया को अभी अमलीजामा भले ना पहनाया गया हो, लेकिन प्रचार शुरू हो गया. प्रचार की भी अलग-अलग तरीके अपनाये जा रहे हैं. अपनी पहचान लोगों के बीच बताने के लिये पुरखों के नाम तक जोड़े जा रहे हैं.
अब तक नगर परिषद चुनाव के बाद विकास को गति नहीं पकड़ने और पुराने पार्षद के बारे में खुलकर तो कुछ नहीं कहा जा रहा है, लेकिन यह बताया जा रहा है कि उनको अगर इस बार मौका दिया तो वे वार्ड को सुंदर जरूर बना देंगे. प्रचार की इस दौर में गौर करने वाली बात यह है कि भावी प्रत्याशी का परिचय उनके व्यक्तिगत सामाजिक कार्यों से नहीं कराया जा रहा है. बल्कि, बताया जा रहा है कि आपके वार्ड में ‘फलां बाबू.’
इनके पोते (परपौत्र) है, और इनके नाती हैं. यानि नाना और दादा का नाम बताकर उनकी ‘छवि’ को स्मरण कराया जा रहा है. भले ही बीते दिन उक्त मृत व्यक्ति की छवि क्षेत्र में जैसी हो. लेकिन वार्ड के लोगों को यह बताना भावी प्रत्याशी शायद मुकम्मल समझते हैं. यही वजह है कि प्रचार का यह बड़ा हिस्सा बना है. अब गौर करें उन वार्ड पर जो पूरी तरह महिलाओं के लिये सुरक्षित है. इस वार्ड में अभी तक कोई ऐसा बैनर नहीं दिखा. जो ‘नारी सशक्तीकरण’ को बल देता हो.
बैनर में महिला की तसवीर और उसके बगल उनके ‘पतिदेव’ का बड़ा सा फोटो. मतलब साफ है. चुनाव पत्नी लड़ रही है. काम पतिदेव का होगा. इसलिए वार्ड में प्रचार का भी एक हिस्सा इसी से जुड़ा है. अब उस वार्ड की जनता को सोचना होगा कि महिला वार्ड में वो वोट किसे दे रहे हैं. खासकर महिला मतदाता अपनी ताकत का एहसास ऐसे वार्ड में कैसे करा पायेंगी.
इस संदर्भ में वैसे कई पति ‘देवों’ से बात की तो उनका नजरिया कुछ अलग ही था. एक चर्चित साहब ने बताया कि उनका वार्ड अब महिला के लिये आरक्षित है. मैं यहां का वार्ड काउंसलर हूं. लोगों के बीच अपने काम के कारण लोकप्रिय हूं. आरक्षण के तहत वार्ड बदलने से पत्नी को चुनाव मैदान में उतारने का मन बना लिया है.
संवेदनशील बूथों की पहचान का निर्देश : प्रशासनिक स्तर पर चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है. इसके तहत नगर निकाय क्षेत्र के संवेदनशील बूथों की पहचान का कार्य अविलंब पूर्ण करने का निर्देश जारी किया गया है. इसके तहत ऐसे बूथों को चिह्नित कर उसका प्रतिवेदन मांगा गया है. अलावा इसके सभी बूथों पर स्थान का नाम, बूथ का नंबर आदि अविलंब अंकित करने का निर्देश जारी किया है.
बूथ पर धूम्रपान करनेवालों पर होगी कार्रवाई : आगामी नगर निकाय चुनाव के दौरान बूथ पर धूम्रपान करने वालों पर भी प्रशासन की नजरें होंगी. प्रशासनिक स्तर पर चुनाव के दौरान सभी बूथों पर धूम्रपान रहित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. किसी भी बूथ पर धूम्रपान करने वाले लोगों पर कार्रवाई किये जाने का प्रावधान किया गया है. अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नगर निकाय चुनाव के दौरान बनाये गये बूथों के आसपास धूम्रपान पर पूर्ण रूप से पाबंदी रहेगी. इसके लिए सभी पीठासीन पदाधिकारियों को विशेष तौर पर निर्देश दिये जायेंगे. मतदान के दिन किसी भी बूथ पर अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान करते पकड़ा गया, तो उसके विरुद्ध जुर्माना की कार्रवाई की जायेगी. जुर्माना का रकम दो सौ रुपये निर्धारित किया गया है. इस कार्य के प्रति आम लोगों को जानकारी देने के लिये प्रशासनिक स्तर पर प्रत्येक बूथ पर धूम्रपान निषेध क्षेत्र का पोस्टर या बोर्ड लगाया जायेगा. इस संबंध में चुनाव कार्य में तैनात किये जाने वाले तमाम कर्मियों को इस संबंध में निर्देश दिये जायेंगे.
