अवैध बूचड़खाने बंद कराने को लेकर इओ ने भेजा नोटिस
समस्तीपुर : शहर के वार्ड नंबर दो में बगैर अनुमति के पिछले वर्ष 2010 से संचालित अवैध बूचड़खाने के संचालन पर रोक के लिए नगर परिषद के इओ ने नोटिस भेजा है. एसडीओ से बुचड़खाने को बंद कराने के लिए प्रशासनिक मदद भी मांगी है. एसडीओ ने जरूरत के अनुसार पुलिस बल मुहैया कराने की […]
समस्तीपुर : शहर के वार्ड नंबर दो में बगैर अनुमति के पिछले वर्ष 2010 से संचालित अवैध बूचड़खाने के संचालन पर रोक के लिए नगर परिषद के इओ ने नोटिस भेजा है. एसडीओ से बुचड़खाने को बंद कराने के लिए प्रशासनिक मदद भी मांगी है. एसडीओ ने जरूरत के अनुसार पुलिस बल मुहैया कराने की बात कही है.
जानकारी के अनुसार, शहर के धर्मपुर स्थित वार्ड नंबर दो में वर्ष 1993 से बूचड़खाना चल रहा है. वर्ष 2010 में इस बूचड़खाना का नवीनीकरण नहीं किया गया. बावजूद अब तक अवैध तरीके से यह संचालित हो रहा है. इस व्यवसाय में कुल 20 ठेहा है, जहां पर प्रतिदिन पंद्रह से बीस बड़े जानवरों को वध किया जाता है. करीब 30 क्विंटल मांस की बिक्री होती है. वध किये गये बड़े जानवरों की हड्डी पटना के बाढ़ एवं चमड़े कोलकाता भेजा जाता है.
पूछताछ के क्रम में यह भी खुलासा हुआ कि जानवर के देहात के पेठिया से खरीद कर लाये जाते हैं. बिना लाइसेंस के बड़े जानवरों को गलत तरीके से वध कर बेचने के स्थल का निरीक्षण नप की टीम ने विगत 27 फरवरी को किया था. जांच के क्रम में जानकारी दी गयी कि यह धंधा इस व्यवसाय के में लगे पूर्वजों के द्वारा 50 वर्षों से किया जा रहा है.
वध स्थल की जमीन का मालगुजारी रसीद भी नहीं : जांच टीम ने जब वध स्थल के जमीन से संबंधित कागजात तलब की, तो जमीन से संबंधित कागजात दी गयी, लेकिन मालगुजारी रसीद की छायाप्रति नहीं दी गयी. नप के द्वारा किसी प्रकार की शुल्क की वसूली भी नहीं की गयी है. घनी आबादी के बीच ही चारों ओर से रिहायसी इलाके के होने के कारण पूर्व में भी इस अवैध बूचड़खाना की शिकायत की जा चुकी है. इओ देवेंद्र कुमार सुमन ने विगत तीन अप्रैल को सदर एसडीओ को व्यवसाय बंद कराने के लिए पत्रचार किया था,
लेकिन एसडीओ कुमार देवेंद्र प्रौज्जवल ने अपने पत्र में कहा कि अनुज्ञापन पदाधिकारी आप हैं, व्यवसाय बंद कराने के लिये आपके स्तर से क्या किया गया, इसका उल्लेख करें. प्रतिबंध लगाना आपके क्षेत्रधिकार में है. जिस दिन बंद कराने के लिये जाना चाहते हैं, उस दिन पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति के लिये पत्र दें. दंडाधिकारी एवं पुलिस बल मुहैया कराये जायेंगे. टैक्स दारोगा भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध बूचड़खाना बंद कराने के लिये पहल शुरू कर दी गयी है. पहले इस व्यवसाय में लिप्त व्यवसायियों को नोटिस भेजा जा रहा है, फिर कार्रवाई की जायेगी.
वार्ड नंबर दो में संचालित हैं अवैध बूचड़खाना
2010 के बाद नहीं हुआ नवीनीकरण, फिर भी हो रहे संचालित
इओ ने मांगी मदद, बंद कराने को दी जायेगी फोर्स