सर, पांच लाख का बिजली बिल आया

मनमानी. गलत बिल को ले ग्राहकों में गुस्सा समस्तीपुर : शहर में बिजली बिल लगातार गलत भेजने और बल पूर्वक बिना नोटिस के कनेक्शन काटने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बिजली विभाग के इस रवैये से परेशान उपभोक्ता अब आंदोलन के मूड में हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल विपत्र में रहे […]

मनमानी. गलत बिल को ले ग्राहकों में गुस्सा

समस्तीपुर : शहर में बिजली बिल लगातार गलत भेजने और बल पूर्वक बिना नोटिस के कनेक्शन काटने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. बिजली विभाग के इस रवैये से परेशान उपभोक्ता अब आंदोलन के मूड में हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल विपत्र में रहे त्रुटियों को दूर करने के लिए महीनों से बिजली ऑफिस का चक्कर काट रहे हैं, पर सुधार की बजाय कनेक्शन काटकर मुकदमा किया जा रहा है. ऐसे में आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है. लोगों को एक माह में हजारों लाखों का बिल थमाया जा रहा है. और लोग प्रतिदिन बिजली ऑफिस जाकर हंगामा कर रहे हैं.
बता दें कि कर्मचारी द्वारा जब ऑन स्पॉट बिजली बिल देने का प्रक्रिया शुरू हुआ है, तब से उपभोक्ताओं की परेशानियां कहीं ज्यादा बढ़ गयी हैं. सूत्रों की मानें, तो शहर में ऐसे अनुभवहीन लोग बिजली बिल देने के कार्य में लगे हैं, जिन्हें किसी प्रकार का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है. इसके चलते लोगों को मनमाना बिजली बिल सौंप दिया जाता है. हालात यह है कि बिजली बिल की राशि जमा के बावजूद बिल कम नहीं हो रहा है. जानकारी के मुताबिक, विगत दिनों कैंप में 53 आवेदन विभिन्न समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं ने दिये. नौ बिजली बिल को ऑन स्पॉट सुधार किया गया. अन्य आवेदन सुधार की प्रक्रिया में है.
उपभोक्ता विशुनी राम को 169039 रुपये का विपत्र बिजली कंपनी के द्वारा थमाया गया. सुधार के क्रम में खामियां सामने आयीं. सुधार के बाद 143368 रुपये का विपत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. उपभोक्ता मकसूद आलम का मीटर संख्या सही नहीं है, विद्युत कंपनी की गलती का खामियाजा उपभोक्ता को भुगतना पड़ रहा है. उपभोक्ता अन्नपूर्णा देवी का मीटर राउंड नहीं कर रहा है. इन्हें मीटर राउंड करने से संबंधित विपत्र भेजा गया. मंगलवार को उपभोक्ता युगेश्वर गोप ने पांच लाख से अधिक का बिल देने की शिकायत की है. बिल को देख उनके होश उड़े हुए हैं.
स्पॉट बिलिंग होने की वजह से जो मीटर में शो करता है उसी के आधार से बिल निकल रहा है. पहले बगैर मीटर रीडिंग के यूनिट तय कर बिल लिया जाता था. अब मीटर को देखकर रीडिंग के हिसाब से बिल दिया जा रहा है. बिल का भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटने का आदेश ऊपर से है. समय-समय पर आवेदनों पर कार्रवाई करते हुए बिजली बिल में सुधार जारी है.
एमके शर्मा, एसडीओ शहरी

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