मांग. अनशनकारियों के हंगामे से कार्यालय का कार्य ठप
समस्तीपुर : अनौपचारिक अनुदेशक गुरुवार को डीपीओ साक्षरता कार्यालय परिसर में अनशन पर बैठ गये. शोर-शराबे व नारेबाजी के कारण कार्यालय का काम-काज पूरी तरह से ठप हो गया. इसकी सूचना मिलते ही डीइओ ब्रजेश कुमार ओझा, डीपीओ साक्षरता कुमारी संध्या, पीओ सर्व शिक्षा अजय कुमार झा समेत अन्य पदाधिकारियों का जत्था कार्यालय पहुंचा. अनुदेशकों ने कार्यालय कक्ष का द्वार जाम कर उन्हें समस्या समाधान होने तक घेरे रखने की घोषणा कर दी.
डीइओ ने बीच का रास्ता अपनाते हुए उनसे वार्ता शुरू कर दी. करीब ढाई घंटे तक चली वार्ता के दौरान पदाधिकारी जहां विभागीय मापदंडों का हवाला देकर उनकी मांगों को बाध्यकारी नहीं बता रहे थे. वहीं अनशनकारी आसपास के जिलों व जमुई जिले में अनुदेशकों के लिए उठाये गये कदम का हवाला देकर अपनी मांगों पर डटे थे. इस जद्दोजहद के बीच पदाधिकारियों के रवैये से नाराज अनशनकारियों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी.
साथ ही मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का एलान कर दिया. इसके बाद पदाधिकारियों ने बीच का रास्ता अपनाते हुए अनशनकारियों की मांगों को स्वीकार कर लिया. तब अनशनकारियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया.
अनशनकारियों की मांगों में सभी अनुदेशकों की सूची प्रकाशित करते हुए उसकी प्रति पटना भेजने, पूर्व में प्रकाशित सूची को रद्द करने, अनुदेशकों को भुगतान पंजी के मुताबिक प्रमाण पत्र देने आदि शामिल हैं. अनशन पर श्यामा कुमारी, मंजू सिन्हा, अनुसुइया देवी, उमेश प्रसाद भगत, कृष्ण कुमार सिंह, परमानंद राय, अशोक राम,
सोने लाल राम, सुनील कुमार राय, दिवकार चौधरी, महेश राम, नवीन कुमार, वैद्यनाथ चौरसिया, कामेश्वर चौधरी, मनोज कुमार राय, कुशेश्वर प्रसाद यादव, शैल देवी, अमर कांत राय, कृष्णा कुमारी, हरेराम सहनी, प्रहृलाद कुमार सिंह, दिनेश प्रसाद यादव, दिनेश प्रसाद आदि थे.
ढाई घंटे वार्ता के बाद अनशन समाप्त
काउंसेलिंग रद्द : अनशन समाप्ति के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ब्रजेश कुमार ओझा ने बताया कि 15 जुलाई को निर्धारित काउंसेलिंग की तिथि आगे बढ़ायी जायेगी. इसके लिए विभागीय प्रधान सचिव से संपर्क साधा जा रहा है. प्रयास किया जा रहा है कि जिले के जो भी अनौपचारिक अनुदेशक दावा रखते हैं, उनका नियमानुकूल पूरा पूरा ख्याल रखा जाये. इसमें कोर्ट के आदेश और विभागीय निर्देश का शत प्रतिशत पालन किया जायेगा.
